Narnaul News: दीपावली पर घर चमकाने के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि सफाई से निकला कूड़ा-कचरा सही जगह पहुंचे। यही संदेश राजकीय माध्यमिक विद्यालय, कुलताजपुर में आयोजित जल जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दिया गया। कार्यक्रम जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन के तत्वावधान में हुआ, जिसकी अध्यक्षता अध्यापक सुभाष चंद ने की।
खंड संसाधन संयोजक इंद्रजीत ने बच्चों को सरल शब्दों में जल संरक्षण का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि त्योहार की सफाई में निकलने वाला कचरा पेयजल स्रोतों, कुओं या नालियों में कतई न डाला जाए। ऐसा करने से पानी दूषित होता है, बीमारियां फैलती हैं, जल संरक्षण के प्रयासों में बाधा आती है और गांव की स्वच्छता भी प्रभावित होती है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि नलों को नाली से बाहर रखें और हर नल पर टूंटी जरूर लगवाएं। इससे कोई जीव या गंदा पानी पेयजल लाइन में नहीं जा पाएगा, साथ ही कहीं रिसाव होने पर उसका तुरंत पता चल जाएगा।
इंद्रजीत ने कहा कि स्वच्छता के अभाव में सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। वे बीमार होते हैं तो उनकी सेहत के साथ पढ़ाई भी प्रभावित होती है। इसलिए सुरक्षित भविष्य के लिए हर किसी का सहयोग जरूरी है।
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