Narnaul News: भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की रेवाड़ी इकाई ने नारनौल में एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने नारनौल फायर स्टेशन में कार्यरत फायरमैन संदीप यादव को 20,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक गुप्त शिकायत के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाकर अंजाम दी।
80 हजार की मांगी थी घूस, पहली किस्त लेते ही धराया
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने अस्पताल और मेडिकल स्टोर में अग्निशमन (फायर सेफ्टी) उपकरण स्थापित कराने तथा विभाग से अनिवार्य ‘फायर एनओसी’ (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी कराने के लिए आवेदन किया था।
आरोप है कि इस सरकारी प्रक्रिया को पूरा करने और एनओसी दिलवाने की एवज में फायर स्टेशन में तैनात फायरमैन संदीप यादव ने शिकायतकर्ता से 75,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये तक की रिश्वत की मांग की। परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत सीधे एंटी करप्शन ब्यूरो की रेवाड़ी इकाई से कर दी।
योजनाबद्ध तरीके से बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो की टीम ने आरोपों की प्राथमिक जांच कर मामला सही पाया। इसके बाद रेवाड़ी एसीबी की टीम ने रणनीति बनाकर एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया।
योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी संदीप यादव को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 20,000 रुपये सौंपे, पहले से मुस्तैद एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। मौके पर ही उसके पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई।
कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज हुआ केस
कार्रवाई के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 105 के तहत तय सभी विधिक प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया गया है।
इस सिलसिले में ब्यूरो के गुरुग्राम स्थित थाने में 27 जुलाई को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 7 के तहत मामला (FIR No. 24) दर्ज कर लिया गया है। एसीबी की टीम आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में विभाग के अन्य कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे।
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