Narnaul News: राजकीय पीजी कॉलेज में बुधवार को होगी मॉक ड्रिल, डीसी ने दिए कड़े निर्देश
आपदा से निपटने के लिए नारनौल में टेबल टॉप एक्सरसाइज
Narnaul News: किसी भी अचानक आने वाली आपदा या आपातकालीन स्थिति के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में लगने वाले समय को कम करने और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच सटीक तालमेल को परखने के लिए नारनौल प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में बुधवार (5 अगस्त) को सुबह 10 बजे शहर के ‘राजकीय स्नातकोत्तर (पीजी) कॉलेज’ परिसर में एक विशाल ‘सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया जाएगा।
इस आपदा अभ्यास की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक (टेबल टॉप एक्सरसाइज) आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने सभी विभागाध्यक्षों और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों को दो टूक लहजे में कहा कि किसी भी वास्तविक आपदा के वक्त एक-एक सेकंड की कीमत होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर जरा सी भी मानवीय या प्रशासनिक चूक की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
स्वास्थ्य, पुलिस, SDRF और बिजली-संचार विभाग अलर्ट मोड पर
समीक्षा बैठक के दौरान डीसी अनुपमा अंजलि ने हर विभाग के लिए विशेष जिम्मेदारियां तय कीं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल के स्थान पर तत्काल मेडिकल एड पोस्ट (प्राथमिक चिकित्सा शिविर) स्थापित की जाए, जहां घायलों के वर्गीकरण (ट्रियाज) और एंबुलेंस की त्वरित आवाजाही की चाक-चौबंद व्यवस्था रहे।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने, आसपास के ट्रैफिक डायवर्जन और मलबे या प्रभावित इमारत से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पूरी मुस्तैदी रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) को ब्लैकआउट की स्थिति में पावर कट और बिजली सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बीएसएनएल (BSNL) को आपातकालीन स्थिति में संचार व्यवस्था और इंटरनेट कनेक्टिविटी चालू रखने के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।
‘अभ्यास से ही मजबूत होगी प्रशासनिक दक्षता’
बैठक में मौजूद पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने भी सुरक्षा और रेस्क्यू प्रोटोकॉल पर अपने सुझाव रखे। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की काल्पनिक (मॉक) एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर विभागों की प्रतिक्रिया समय (रिस्पॉन्स टाइम) की जांच करना और कमियों को समय रहते दुरुस्त करना है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से भी अपील की कि वे बुधवार को कॉलेज परिसर के आसपास एंबुलेंस या पुलिस की गाड़ियों की सायरन सुनकर घबराएं नहीं, यह केवल एक निर्धारित प्रशासनिक अभ्यास का हिस्सा है।
यह भी पढ़ें– ‘हरियाणा की खेल नीतियों से खिलाड़ियों को मिली नई पहचान’, आरती सिंह राव ने शर्मिला धनखड़ को दी बधाई
