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Narnaul News: जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बारिश में नंगे पैर सड़कों पर उतरे वकील

Narnaul News: जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बारिश में नंगे पैर सड़कों पर उतरे वकील

नारनौल में वकीलों का बड़ा प्रदर्शन: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, निकाला नंगे पैर मार्च

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GGaganpreet Kaurकंटेंट क्रेडिट: सोनल यादव, नारनौल

Narnaul News: नारनौल। दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर नीट और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिसिया बल प्रयोग का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में बुधवार को नारनौल के अधिवक्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद जिला बार एसोसिएशन के वकील जूते-चप्पल उतारकर नंगे पैर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

न्यायालय परिसर से शुरू हुआ यह पैदल मार्च शहर के प्रमुख रास्तों से होता हुआ महेंद्रगढ़ रोड तक पहुंचा। हाथ में बड़ा बैनर थामे वकीलों ने पुलिस प्रशासन और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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“अन्याय नहीं सहेंगे”: हाथों में तख्तियां ले सड़कों पर निकले वकील

प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं के हाथों में बड़े-बड़े बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर “बर्बरता शर्मनाक है”, “अन्याय नहीं सहेंगे” और “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे तीखे नारे लिखे हुए थे। वकीलों ने आरोप लगाया कि देश का युवा जब अपने भविष्य, पेपर लीक और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली के लिए अपनी आवाज बुलंद कर रहा है, तो सरकार उसकी बात सुनने के बजाय लाठियों के दम पर उसकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। परीक्षा में गड़बड़ी से परेशान छात्रों पर इस तरह बर्बरतापूर्वक लाठियां भांजना किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता।

बारिश भी नहीं रोक पाई कदम, नंगे पैर चलकर दिखाई एकजुटता

बुधवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश भी वकीलों के आक्रोश को कम नहीं कर सकी। दर्जनों वकील जूते-चप्पल त्यागकर नंगे पैर ही जलभराव वाली सड़कों पर पैदल मार्च करते रहे। वकीलों का कहना था कि नंगे पैर मार्च करना जंतर-मंतर पर चोट खाए बेकसूर छात्रों के दर्द, उनके संघर्ष और उनकी पीड़ा के प्रति संवेदना व अटूट एकजुटता का प्रतीक है।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब देश की भावी पीढ़ी ही सुरक्षित नहीं है और उनका भविष्य अंधकार में डाला जा रहा है, तो देश का प्रबुद्ध वकील वर्ग खामोश दर्शक बनकर नहीं बैठ सकता।

निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग

वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की तुरंत उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही लाठीचार्ज के आदेश देने वाले और इसमें शामिल दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए।

वकीलों ने यह भी मांग रखी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। वकीलों ने चेताया कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शी सुधार के ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस आंदोलन को राज्यव्यापी और राष्ट्रव्यापी स्तर पर और अधिक उग्र किया जाएगा।

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