Narnaul News: हरियाणा सरकार के निर्देशों पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु प्रदूषण पर लगाम कसने और आमजन को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए नारनौल में विशेष सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधि का आयोजन किया। अभियान के तहत शहर के प्रमुख स्थानों पर पटाखों को कहें ना का संदेश देने वाले होर्डिंग्स लगाए गए हैं।
बोर्ड ने बस स्टैंड, नागरिक अस्पताल, डाकघर और डीसी कार्यालय जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों को चुना है, ताकि संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। त्योहारी सीजन में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए इस पहल को अहम माना जा रहा है।
अभियान की कड़ी में बोर्ड के अधिकारियों निखिल यादव (सहायक पर्यावरण अभियंता) और गौरव काकोरिया (वैज्ञानिक-बी) ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय, नसीबपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस मौके पर विद्यालय का समस्त शिक्षण स्टाफ, जिनमें उर्मिला देवी, विजय सिंह, देवेंद्र ढिल्लों, मुकेश कुमारी, मीना कुमारी और प्रमिला मैडम शामिल रहे, कार्यक्रम में सक्रिय रूप से सहयोग करते नजर आए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि पटाखों का धुआं और शोर मानव स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है। अधिकारियों ने समझाया कि पटाखे केवल हवा को जहरीला ही नहीं बनाते, बल्कि पर्यावरण और बेजुबान पशु-पक्षियों पर भी बुरा असर डालते हैं। ध्वनि प्रदूषण के खतरों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे पारंपरिक मिट्टी के दीयों से प्रकाश पर्व मनाएं, जो हमारी संस्कृति का हिस्सा भी है और पर्यावरण के लिए सुरक्षित भी।
बोर्ड अधिकारियों ने नागरिकों और विद्यार्थियों को यह भी स्पष्ट जानकारी दी कि पटाखों का उपयोग केवल 7 और 8 नवंबर को ही किया जा सकेगा। इसमें भी सिर्फ हरित पटाखे ही मान्य होंगे, जिन्हें सुबह 6 से 7 बजे तथा रात 8 से 10 बजे के निर्धारित समय में ही चलाया जा सकेगा। इस समय-सीमा के बाहर पटाखे चलाना नियमों का उल्लंघन होगा।


