Narnaul News: राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा उनके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं डीएलएसए चेयरपर्सन डॉ. रितु वाई.के. बहल के दिशा निर्देशानुसार वीरवार को गांव छिलरो में मेगा ड्राइव (चरण-II) के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में डीएलएसए की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने मुख्य रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम के दौरान सचिव नीलम कुमारी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं अन्य ग्रामीणों को नालसा द्वारा संचालित विभिन्न कानूनी सहायता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाना तथा प्रत्येक नागरिक को न्याय तक सरल एवं समान पहुंच सुनिश्चित करना है।
उन्होंने ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण न्याय से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जरूरतमंद लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता, कानूनी सलाह एवं विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का निरंतर प्रयास है कि कानूनी जागरूकता एवं निशुल्क कानूनी सहायता का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति न्याय प्राप्त करने से वंचित न रहे।
कार्यक्रम में गांव के सरपंच, ग्राम सचिव, गणमान्य ग्रामीणों, बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों सहित डीएलएसए के पैनल एडवोकेट एवं कानूनी स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
घर-घर जाकर ग्रामीणों को जागरूक करेंगे पैनल एडवोकेट एवं पीएलवी
सचिव नीलम कुमारी ने बताया कि गांव छिलरो में विशेष रूप से पैनल एडवोकेट एवं परा-कानूनी स्वयंसेवक (PLV) नियुक्त किए गए हैं। ये गांव में घर-घर जाकर ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, निशुल्क कानूनी सहायता तथा नालसा की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ केवल जानकारी रखने वाले लोगों तक ही सीमित न रहे, बल्कि समाज के प्रत्येक जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने पैनल एडवोकेट एवं PLV को भी निर्देशित किया कि वे ग्रामीणों के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखें तथा पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता एवं योजनाओं का लाभ दिलवाने में सहयोग करें।
कानूनी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता, सलाह अथवा जानकारी प्राप्त करने के लिएनालसा राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100, डीएलएसए नारनौल हेल्पलाइन नंबर 01282-250322 के बारे में जानकारी दी।
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