Narnaul: महंगी खाद, बढ़ती उत्पादन लागत और मिट्टी की घटती उर्वरता से जूझ रहे किसानों के लिए आर्यावर्त सेवा न्यास ने राहत का नया रास्ता खोलने की पहल की है।जिस दौर में खेती की लागत लगातार किसानों की कमर तोड़ रही है, उस दौर में न्यास ने अन्नदाता की जेब और जमीन, दोनों की सेहत सुधारने का बीड़ा उठाया है।न्यास के संस्थापक विनीत पिलानिया ने घोषणा की है कि नारनौल और चरखी दादरी के कम से कम 500-500 किसानों को विशेष आर्यावर्ती फॉस्फेट मात्र 1350 रुपये प्रति कट्टा की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से दोनों क्षेत्रों के कम से कम एक हजार किसान लाभान्वित होंगे।न्यास के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार सुदल कुमार के तकनीकी मार्गदर्शन में तैयार किए जा रहे इस विशेष उर्वरक में फॉस्फेट के साथ नाइट्रोजन, जिंक, सल्फर, कॉपर तथा अन्य चिलेटेड सूक्ष्म पोषक तत्वों का मिश्रण शामिल है। न्यास का दावा है कि यह मिश्रण पौधों को संतुलित पोषण देने, उत्पादन लागत घटाने और फसलों की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होगा।इस योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ केवल गेहूं, सरसों, ज्वार और बाजरा उत्पादकों तक सीमित नहीं रहेगा। टमाटर, प्याज, मिर्च तथा फलों की खेती करने वाले किसान भी इसका लाभ उठा सकेंगे।विनीत पिलानिया का कहना है कि किसान केवल देश का पेट भरने वाला अन्नदाता नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ है। खेती यदि महंगी और जमीन कमजोर होती गई तो किसान की समृद्धि का सपना अधूरा रह जाएगा। इसी सोच के साथ न्यास किसानों को किफायती कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य प्रबंधन और आधुनिक खेती के प्रति जागरूक करने का अभियान भी चलाएगा।इच्छुक किसान न्यास के संपर्क केंद्रों पर पंजीकरण करवा सकेंगे।यह पहल केवल रियायती खाद बांटने तक सीमित नहीं, बल्कि खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में एक प्रयास है। हालांकि विशेष उर्वरक की वास्तविक प्रभावशीलता का आकलन खेतों में उपयोग और वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर ही हो सकेगा।खेती की खुशहाली केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि किसान की लागत घटने और उसकी मेहनत का उचित लाभ मिलने से आएगी।

