Mahendragarh Ateli Mandi: अटेली अस्पताल का होगा कायाकल्प, दो नर्सों को दी जा रही सुरक्षित प्रसव की विशेष ट्रेनिंग
अटेली सीएचसी में आएंगे मेदांता अस्पताल के डॉक्टर्स
Mahendragarh Ateli Mandi: महेंद्रगढ़ जिले के अटेली क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर एक बेहद राहत भरी खबर है। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को अब और अधिक हाईटेक बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। क्षेत्रवासियों को अब गंभीर बीमारियों और सर्जरी के लिए नारनौल, रेवाड़ी या गुरुग्राम के चक्कर नहीं काटने होंगे। स्वास्थ्य विभाग के नए प्लान के मुताबिक, अटेली सीएचसी में न सिर्फ ऑपरेशन थियेटर की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, बल्कि गुरुग्राम के मशहूर मेदांता अस्पताल की विशेषज्ञ टीम भी जल्द ही यहां आकर मरीजों का इलाज करेगी। इस ग्रामीण अंचल में कॉर्पोरेट स्तर की चिकित्सा सुविधाएं मिलना स्वास्थ्य ढांचे के लिहाज से एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी ने तैयार किया एस्टीमेट, दो नर्सों को दी जा रही है स्पेशल ट्रेनिंग
अटेली सीएचसी के प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने इस पूरी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आधुनिक उपकरणों को इंस्टॉल करने से पहले अस्पताल की मुख्य इमारत की छत की मरम्मत होना बेहद जरूरी था, जिसके लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बजट और मरम्मत का एस्टीमेट तैयार कर लिया है।
दूसरी ओर, अस्पताल के भीतर सुरक्षित प्रसव (Safe Delivery) की दर को सुधारने और जच्चा-बच्चा को आपातकालीन स्थिति में तुरंत केयर देने के लिए अस्पताल की दो अनुभवी नर्सिंग स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग पर भेजा गया है। इस कदम के बाद सामान्य और जटिल डिलीवरी के मामलों में रैफरल रेट में भारी कमी आने की उम्मीद है।
गिरते लिंगानुपात पर डॉक्टर की चिंता: एक बच्चे के चलन से बिगड़ रहा है सामाजिक संतुलन
इस दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ क्षेत्र के एक गंभीर सामाजिक पहलू पर भी बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने इलाके में लगातार कम हो रहे लिंगानुपात (Sex Ratio) पर गहरी चिंता जताते हुए कहा, “आजकल परिवारों में सिंगल चाइल्ड यानी एक ही बच्चा पैदा करने का चलन तेजी से बढ़ा है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर हमारे सामाजिक ताने-बाने और लिंगानुपात पर पड़ रहा है।”
इस जनसांख्यिकीय असंतुलन को रोकने और समाज की रूढ़िवादी व आधुनिक भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग जल्द ही अटेली ब्लॉक के गांवों में विशेष ट्रेनिंग कैंप और काउंसलिंग सेशन आयोजित करने जा रहा है, ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके।
रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर जुटी भीड़, स्थानीय स्तर पर सुविधाओं से बढ़ी उम्मीदें
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि इन तमाम बदलावों और बुनियादी ढांचे में सुधार के बाद स्थानीय मरीजों को शहर के बड़े निजी अस्पतालों की तर्ज पर यहीं इलाज मिलने लगेगा। मौजूदा समय में भी अस्पताल के ओपीडी काउंटरों पर मरीजों की भारी आमद देखी जा रही है, जहां लोग पर्चियां बनवाकर रूटीन चेकअप करा रहे हैं। मेदांता की टीम के आने और ऑपरेशन सेवा सुचारू होने की खबर से पूरे अटेली मंडी और आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों में बेहद उत्साह है।
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