Sirsa News: ‘गोली मारनी है तो मार दो’, सिरसा में बिना मुआवजा तार खींचने पर भड़के किसान नेता भूपेंद्र वैदवाला
सिरसा में बिना मुआवजा तार खींचने पर भड़के किसान नेता भूपेंद्र वैदवाला
Sirsa News: सिरसा जिले के गांव वैदवाला में हाईटेंशन बिजली टावर और लाइन बिछाने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा सुबह किसान नेता और खेत मालिक भूपेंद्र सिंह वैदवाला को हिरासत में लिए जाने और शाम को करीब 8 से 9 घंटे बाद छोड़ने के बाद विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। रिहाई के तुरंत बाद अपने खेत पहुंचे भूपेंद्र सिंह ने देखा कि पुलिस बल की मौजूदगी में टावरों पर तार खींचने का काम लगभग पूरा कर लिया गया था, जिससे किसानों में भारी आक्रोश फैल गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए किसान नेता ने एक वीडियो संदेश जारी कर सरकार और पुलिस प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश में आम किसान के लिए कानून खत्म हो चुका है और पुलिस का इस्तेमाल किसानों की जमीनों पर जबरन कब्जा कराने के लिए किया जा रहा है। भूपेंद्र सिंह ने ऐलान किया है कि इस धक्केशाही और मुआवजे की अनदेखी के खिलाफ बुधवार को सिरसा डीसी कार्यालय पर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा।
‘बिना मुआवजे के खेत पर किया कब्जा, झंडा भी फाड़ा’
अपने खेत में बिजली लाइन बिछाए जाने से नाराज किसान नेता भूपेंद्र सिंह ने बिजली निगम के एसडीओ कुलदीप सिंह और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि न तो उन्हें जमीन और टावर का उचित मुआवजा दिया गया और न ही उनकी सहमति ली गई। सुबह 8 बजे पुलिस उन्हें जबरन ले गई ताकि ठेकेदार मनमानी कर सके।
भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनकी गाड़ी पर लगा किसान संगठन का झंडा भी फाड़ दिया गया और टावर पर बंधे झंडे को हटा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसान संगठन के झंडे से पुलिस को क्या ऐतराज था? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नशे के सौदागरों और अपराधियों पर कार्रवाई करने में कानून हाथ खड़े कर देता है, लेकिन हक मांग रहे किसानों को डराने के लिए पूरी पुलिस फोर्स तैनात कर दी जाती है।
मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप, ‘गोली मारनी है तो मार दो’
भूपेंद्र सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि वे खुद इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मिले थे। उस दौरान आश्वासन दिया गया था कि पहले किसानों को नियमानुसार मुआवजा बांटा जाएगा और उसके बाद ही तार खींचने का काम होगा। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट निकली और भारी पुलिस बल की आड़ में किसानों की जमीनों पर धक्का किया गया।
आक्रोशित किसान नेता ने कहा कि “सरकार को अगर गोली मारनी है तो मार दे, लेकिन किसान अपने हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।” उन्होंने सिरसा जिले के तमाम किसान भाइयों और नागरिक संगठनों से अपील की है कि वे बुधवार को भारी संख्या में डीसी कार्यालय पहुंचे। किसानों के इस रुख के बाद सिरसा जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सतर्क हो गया है।
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