Kurukshetra LNJP Hospital: कुरुक्षेत्र LNJP अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों का आरोप- तड़पती रही मरीज, नर्स बोली ‘मर थोड़ी गई’
LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र में इलाज में देरी से महिला की मौत? परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस जांच शुरू
Kurukshetra LNJP Hospital: कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में सीने में दर्द के इलाज के लिए लाई गई 30 वर्षीय महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। गांव कमोदा की रहने वाली निशा उर्फ मनीषा की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में गंभीर लापरवाही और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
मृतका के पति अजय कुमार के अनुसार उनकी शादी करीब 15 साल पहले करनाल के बालू गांव निवासी मनीषा से हुई थी। बुधवार सुबह अचानक मनीषा की छाती में तेज दर्द उठा, जिसके बाद वे उसे तुरंत पिहोवा के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र के लिए रेफर कर दिया था।
परिजनों का आरोप: तड़पती रही मरीज, नर्स बोली- ‘कहीं मर थोड़ी गई’
पति अजय कुमार ने आरोप लगाया कि कुरुक्षेत्र अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी पत्नी को समय पर सही इलाज नहीं मिला। ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने दो इंजेक्शन तो लगाए, लेकिन उसके बाद मरीज की हालत बिगड़ने पर भी उस पर कोई ध्यान नहीं दिया। मनीषा दर्द से तड़पती रही और उसकी सास बार-बार स्टाफ से मरीज को देखने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोप है कि स्टाफ अपनी जगह से नहीं हिला।
परिजनों का दावा है कि जब मरीज की हालत और ज्यादा खराब होने लगी, तब बार-बार मिन्नतें करने पर नर्स ने परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया। परिजनों के अनुसार नर्स ने अकड़ दिखाते हुए कहा कि “यह कहीं मर थोड़ी गई है जो रो रहे हो।” समय पर चिकित्सीय सहायता न मिलने की वजह से कुछ ही देर में मनीषा ने दम तोड़ दिया। आरोप है कि मौत के बाद अपनी नाकामी छिपाने के लिए अस्पताल स्टाफ मरीज को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर करने लगा।
चार मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
मनीषा की अचानक हुई मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे चार छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिनमें 12 साल की बेटी जेसमन, 8 साल का बेटा विवान, 6 साल का बेटा रिहान और 3 साल का मासूम अनमोल शामिल हैं। मासूम बच्चों को अब तक यह समझ भी नहीं आ रहा है कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही।
परिजन इस मामले में दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कुरुक्षेत्र के मोर्चरी हाउस में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर ने दी सफाई: 45 मिनट तक दिया गया CPR
दूसरी तरफ LNJP अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर जयंत कुमार ने परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि मरीज जैसे ही अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में पहुंची, डॉक्टरों की मेडिकल टीम ने बिना किसी देरी के तुरंत इलाज शुरू कर दिया था।
डॉक्टर जयंत कुमार के मुताबिक महिला की हालत बहुत नाजुक थी और उसे कार्डियक अरेस्ट हुआ था। मरीज को बचाने के लिए मेडिकल टीम ने लगातार करीब 45 मिनट तक सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दिया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद मरीज के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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