Ludhiana News: लुधियाना सेंट्रल जेल में सुरक्षा जांच के दौरान बंदियों से मिले मोबाइल, पुलिस ने दर्ज किया केस
लुधियाना सेंट्रल जेल
Ludhiana News: पंजाब के लुधियाना स्थित सेंट्रल जेल में सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रतिबंधित सामान के खिलाफ चलाए गए चेकिंग अभियान में बड़ा खुलासा हुआ है। नियमित तलाशी के दौरान दो बंदियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैटरी बरामद की गई, जबकि जेल परिसर से एक टच स्क्रीन मोबाइल लावारिस हालत में मिला। घटना के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर डिवीजन नंबर-7 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जेल के भीतर मोबाइल फोन जैसी प्रतिबंधित वस्तुओं का मिलना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचे और इनके जरिए किन लोगों से संपर्क किया गया।
नियमित चेकिंग के दौरान सामने आया मामला
पुलिस को दी शिकायत में केंद्रीय जेल लुधियाना के सहायक सुपरिटेंडेंट बलिहार सिंह ने बताया कि 27 जुलाई को जेल परिसर में नियमित चेकिंग अभियान चलाया गया था। इसी दौरान बंदियों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बंदी गुरप्रीत सिंह के कब्जे से SNEXIAN कंपनी का काले रंग का कीपैड मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल के साथ उसकी बैटरी और सिम कार्ड भी मिला। इसके बाद बंदी रोहित कुमार की तलाशी में भी एक कीपैड मोबाइल, सिम कार्ड और बैटरी बरामद हुई।
जेल परिसर से मिला लावारिस टच स्क्रीन मोबाइल
चेकिंग अभियान के दौरान जेल परिसर में एक टच स्क्रीन मोबाइल फोन भी लावारिस हालत में मिला। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह मोबाइल किसका है और इसे जेल परिसर में कैसे पहुंचाया गया। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि सिम कार्ड किसके नाम पर जारी हुआ, मोबाइल से किन-किन नंबरों पर कॉल की गईं और किन लोगों से संपर्क हुआ।
जेल नियमों के उल्लंघन पर दर्ज हुआ मामला
जेल प्रशासन की शिकायत के अनुसार आरोपियों ने जेल के अंदर प्रतिबंधित सामग्री रखकर जेल नियमों का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर डिवीजन नंबर-7 थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने सहायक सुपरिटेंडेंट बलिहार सिंह की शिकायत पर बंदी गुरप्रीत सिंह, बंदी रोहित कुमार और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रिजन एक्ट की धारा 52-A(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि इन मोबाइल फोन को जेल के भीतर पहुंचाने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
जेल सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
जेलों के भीतर मोबाइल फोन की बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। ऐसे मामलों में तकनीकी जांच के जरिए मोबाइल के इस्तेमाल, संपर्कों और जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान पहुंचाने वाले नेटवर्क का पता लगाया जाता है। यदि जांच में किसी बाहरी व्यक्ति या जेल के भीतर किसी अन्य कड़ी की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
