Kaithal News: कौल के बाबू अनन्त राम जनता कॉलेज में नए सत्र का भव्य आगाज, गुरु पूर्णिमा पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ हवन-यज्ञ
संस्थापक स्व. चौधरी ईश्वर सिंह को दी श्रद्धांजलि, हवन के साथ शुरू हुआ नया शैक्षणिक सत्र
Kaithal News: नरेश ढांडा, ढांड। कैथल जिले के कौल स्थित बाबू अनन्त राम जनता महाविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ भारतीय संस्कृति और सनातन वैदिक परंपराओं के अनुरूप अत्यंत श्रद्धा, उल्लास व आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व के सुअवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय चौधरी ईश्वर सिंह की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी पुण्य स्मृति को नमन करने के साथ की गई।
इसके पश्चात महाविद्यालय परिसर में पंडितों द्वारा कराए गए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य हवन-यज्ञ संपन्न हुआ। यज्ञ की पावक अग्नि में महाविद्यालय परिवार के सदस्यों ने आहुतियां डालकर नए शैक्षणिक सत्र की सफलता, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और संस्थान की निरंतर उन्नति की मंगलकामना की। हवन में प्रबंधन समिति के महासचिव करण सिंह, कार्यकारिणी सदस्यों, प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल, समस्त शैक्षणिक व गैर-शिक्षण स्टाफ तथा नवप्रवेशी व वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
केवल अंक या डिग्री पाना ही शिक्षा नहीं: प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल
समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल ने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र केवल नई कक्षाओं में कदम रखने का नाम नहीं है, बल्कि यह नए संकल्पों, असीम संभावनाओं और नए अवसरों का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षाओं में बेहतर अंक अर्जित करना या डिग्री हासिल कर लेना भर नहीं होता, बल्कि व्यक्ति के चरित्र और व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, नैतिकता, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुणों को जीवन में उतारें। उन्होंने कहा, “आधुनिक युग में तकनीकी ज्ञान जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक मानवीय और नैतिक मूल्य भी हैं। जो विद्यार्थी समय का सदुपयोग करते हुए सकारात्मक सोच और कड़ी मेहनत को अपना मूलमंत्र बनाते हैं, सफलता उनके कदम चूमती है।” गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि गुरु-शिष्य परंपरा आज के दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक है, क्योंकि ज्ञान और संस्कारों का संतुलन ही एक सभ्य नागरिक का निर्माण करता है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों का अनूठा संगम
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान चौधरी तेजवीर सिंह ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि संस्थान का निरंतर प्रयास रहता है कि विद्यार्थियों को न केवल उच्च स्तरीय शिक्षा दी जाए, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय व सामाजिक चेतना से भी जोड़ा जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां के छात्र शिक्षा, खेल, शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
वहीं, प्रबंधन समिति के महासचिव करण सिंह ने कहा कि महाविद्यालय में आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत को भी पूरा सम्मान दिया जाता है। कार्यक्रम का समापन हवन की पूर्णाहुति और समाज के कल्याण की प्रार्थना के साथ हुआ। पूरा कॉलेज परिसर दिनभर वैदिक मंत्रों की गूंज, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।
यह भी पढ़ें– कैथल में 7 लाख रुपये के विवाद में ड्राइवर ने की आत्महत्या, सुसाइड से पहले कार में बनाया दर्दनाक वीडियो
