Haryana VB Jeeramji Scheme: मनरेगा की जगह आई नई योजना, हरियाणा में मिलेगी देश की सबसे महंगी ₹409 दिहाड़ी
अब 15 नहीं सिर्फ 7 दिन में मिलेगी मजदूरी
Haryana VB Jeeramji Scheme: ग्रामीण अंचल में रोजगार और बुनियादी ढांचे को नया विस्तार देने के लिए शुरू की गई ‘वीबी जीरामजी’ योजना को अमलीजामा पहनाने की कवायद तेज हो गई है। करनाल के नीलोखेड़ी स्थित हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान (HIRD) में योजना के तकनीकी पहलुओं को समझाने के लिए ‘युक्त धारा’ विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित कर इस कार्यशाला का उद्घाटन किया।
इस मौके पर डॉ. चौहान ने एक महत्वपूर्ण बात रेखांकित करते हुए कहा, “यह योजना असल में मनरेगा की ही उत्तराधिकारी है। मनरेगा ने जिस ग्रामीण विकास की मजबूत नींव रखी थी, यह नया मिशन उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने का काम कर रहा है।
” उन्होंने कहा कि किसी भी योजना का हश्र इस बात पर निर्भर करता है कि उसे लागू करने वाले जमीनी अमले को उसकी कितनी बारीकी से समझ है। इस ट्रेनिंग सत्र में रोहतक और फतेहाबाद के जूनियर इंजीनियर्स, डेटा एंट्री ऑपरेटर्स और लेखा सहायकों को राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान (NIRD) हैदराबाद से आए विशेषज्ञ एच. के. सोलंकी ने सॉफ्टवेयर मैपिंग और डेटा एंट्री की बारीकियां सिखाईं।
कुरुक्षेत्र से हुआ डिजिटल आगाज; देश में सबसे भारी दिहाड़ी देगी सरकार
उधर, धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित एक भव्य प्रदेश स्तरीय समारोह में सूबे के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने इस योजना का ऑनलाइन उद्घाटन किया। कुरुक्षेत्र के शहजादपुर गांव में तालाब की खुदाई के काम से इस मिशन की डिजिटल शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया।
पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मंच से घोषणा की कि ‘वीबी जीरामजी’ योजना के तहत हरियाणा अपने कामगारों को ₹409 प्रतिदिन की मजदूरी देगा, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। उन्होंने साफ किया कि यह योजना कोई बिल्कुल नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि साल 1960 से चली आ रही ग्रामीण रोजगार योजनाओं का एक परिष्कृत और सुधरा हुआ रूप है।
लेटलतीफी और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं; सीधे खाते में आएगा पैसा
इस नई व्यवस्था को पूरी तरह फुलप्रूफ बनाने के लिए सरकार ने चाबुक भी तैयार कर लिया है। मंत्री ने बताया कि अब मजदूरों को अपने पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। मजदूरी भुगतान की समय-सीमा को 15 दिन से घटाकर सिर्फ 7 दिन कर दिया गया है।
लापरवाही पर भारी जुर्माना: यदि किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी की सुस्ती के चलते कागजी कार्रवाई अटकी या भुगतान में देरी हुई, तो उस पर सीधे ₹10,000 का जुर्माना ठोका जाएगा, जो पहले महज ₹1,000 हुआ करता था।
इसके साथ ही फर्जी हाजिरी और हेराफेरी के खेल को खत्म करने के लिए कार्यस्थल पर बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। मजदूरों को साल में अब 125 दिन का गारंटीड रोजगार मिलेगा। ऑनलाइन पंजीकरण और फिजिकल वेरिफिकेशन के 15 दिनों के भीतर यदि प्रशासन काम नहीं दे पाया, तो ₹100 प्रतिदिन के हिसाब से बेरोजगारी भत्ता देना होगा। ग्रामीण जीवन को ध्यान में रखते हुए फसलों की बिजाई और कटाई के वक्त मजदूरों को 60 दिनों के विशेष अवकाश की छूट भी दी गई है।
318 प्रकार के काम और ‘लखपति दीदी’ पर सीधा फोकस
इस महत्वाकांक्षी मिशन के दायरे को काफी बड़ा रखा गया है। इसके तहत जल संरक्षण, तालाबों का सुंदरीकरण, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, भंडारण, ग्रामीण बाजार और कौशल विकास से जुड़े कुल 318 तरह के कार्यों को मंजूरी दी गई है, जिसकी सूची संबंधित विभागों को सौंप दी गई है।
योजना में महिलाओं की भागीदारी और उनकी आर्थिक प्रगति को विशेष प्राथमिकता दी गई है। महिलाओं के लिए ट्रेनिंग कम स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाने पर बजट खर्च होगा। पंचायत मंत्री ने बताया कि हरियाणा में इस समय लगभग 70 हजार सेल्फ हेल्प ग्रुप सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में प्रदेश की 5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का जो लक्ष्य रखा गया था, उसमें से करीब 3 लाख महिलाएं यह मुकाम हासिल कर चुकी हैं।
केंद्र के सामने रखे सुधार के नए प्रस्ताव
पंचायत मंत्री ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुए दो दिवसीय चिंतन शिविर का जिक्र करते हुए कुछ अहम सुझावों को भी साझा किया।
उन्होंने मांग की है कि इस योजना को प्रधानमंत्री सड़क योजना-4 से जोड़ा जाए और सड़कों की मरम्मत का बजट अलग से तय हो। इसके अलावा उन्होंने मजदूरों की सुरक्षा का दायरा बढ़ाते हुए काम के दौरान मृत्यु होने पर मिलने वाली ₹25,000 की राशि को बदलकर ₹2 लाख का बीमा करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार पहले से ही मुख्यमंत्री खेतिहर किसान मजदूर योजना के तहत मार्केटिंग बोर्ड के जरिए ऐसी किसी अनहोनी पर ₹5 लाख की वित्तीय सहायता दे रही है।
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