Hisar News: उकलाना में 10 साल की मासूम से दरिंदगी की कोशिश, न्याय के लिए दर-दर भटक रही मां
500 रुपये का लालच देकर कमरे में घसीटा, उकलाना में मासूम से बर्बरता
Hisar News: हिसार के उकलाना इलाके से एक ऐसी खबर आई है जो न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। एसपी हिसार को सौंपी गई लिखित शिकायत के मुताबिक, यह खौफनाक वाकया 29 जून की दोपहर करीब 12:30 बजे का है।
पीड़ित महिला ने बताया कि उनकी 10 साल की मासूम बेटी गांव में एक खाली पड़ी नहर के पास खेल रही थी। इसी दौरान पास के खेत में ज्वार काट रहा गांव का ही रहने वाला बलबीर नामक व्यक्ति वहां आ धमका। आरोप है कि बलबीर ने मासूम को बहलाने-फुसलाने के लिए 500 रुपये का नोट दिखाया और अश्लील हरकत करने की नीयत से उसे अपने कमरे में बुलाने लगा।
जब बच्ची ने सूझबूझ दिखाते हुए कमरे में जाने से साफ इंकार कर दिया, तो आरोपी अपनी औकात पर उतर आया। उसने मासूम का हाथ पकड़कर उसे जबरन कमरे की तरफ घसीटना शुरू कर दिया।
बच्ची ने जब खुद को छुड़ाने के लिए शोर मचाया और विरोध किया, तो आरोपी ने उसे बेरहमी से कई थप्पड़ जड़ दिए। डरी-सहमी बच्ची किसी तरह उसके चंगुल से हाथ छुड़ाकर भागने में कामयाब रही और रोते हुए अपनी मां के पास पहुंची।
उलाहना देने गई मां को मिलीं जातिसूचक गालियां
मासूम की आपबीती सुनने के बाद जब उसकी मां हिम्मत जुटाकर आरोपी बलबीर के पास शिकायत (उलाहना) लेकर पहुंची, तो आरोपी शर्मिंदा होने के बजाय उलटा आगबबूला हो गया।
उसने सरेआम पीड़ित महिला को अपमानित करना शुरू कर दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बलबीर ने न केवल महिला को डराया-धमकाया, बल्कि उसे सरेआम अपमानित करते हुए जातिसूचक गालियां भी दीं।
किसान नेता भाई का रसूख या पुलिस की सुस्ती? मां ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आया है। पीड़िता की मां ने पुलिस प्रशासन और आरोपी के बीच मिलीभगत का अंदेशा जताया है।
महिला के अनुसार, वारदात के तुरंत बाद उन्होंने ‘डायल 112’ पर फोन कर पुलिस को मौके पर बुलाया था। 29 जून को ही उकलाना थाने में लिखित शिकायत भी दे दी गई थी।
लेकिन, आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी उकलाना थाना पुलिस ने मामले में कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की। महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी बलबीर का भाई खुद को बड़ा किसान नेता बताता है।
इसी रसूख और राजनीतिक पहुंच के दम पर आरोपी के परिवार के कुछ दबंग लोग पीड़ित परिवार को डरा-धमका रहे हैं और मामले को रफा-दफा कर समझौते का भारी दबाव बना रहे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इसी दबंगई के कारण स्थानीय पुलिस कार्रवाई करने से कतरा रही है।
एसपी हिसार से न्याय की गुहार, मिला आश्वासन
स्थानीय पुलिस की बेरुखी से तंग आकर आखिरकार पीड़िता की मां ने हिसार के पुलिस अधीक्षक (SP) का दरवाजा खटखटाया।
उन्होंने एसपी को लिखित शिकायत सौंपकर मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी बलबीर के खिलाफ तुरंत पॉक्सो (POCSO) एक्ट, एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट और अन्य संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेजा जाए। एसपी हिसार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी कार्रवाई का पूरा भरोसा दिलाया है।
