Fatehabad News: “दुश्मनी का मजा चखाते हैं” बोलकर पूर्व सरपंच राजेंद्र खिलेरी को गोलियों से भूना
निलंबित सरपंच की गाड़ी में भागे शूटर, पुलिस की 4 टीमें दिल्ली-हरियाणा में मार रहीं छापा
Fatehabad News: हरियाणा के फतेहाबाद स्थित खाराखेड़ी गांव में शनिवार की शाम गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र खिलेरी (50) जब नेशनल हाईवे पर बने ‘रंगला पंजाब’ ढाबे के बाहर बैठे थे, तभी घात लगाए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
हमलावरों की दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वारदात से ठीक पहले पूर्व सरपंच को ललकारते हुए कहा, “तुमको दुश्मनी का मजा चखाते हैं।” इस खूनी खेल को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल राजेंद्र को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भतीजे ने बयां की आंखों देखी; निलंबित सरपंच की गाड़ी में भागे शूटर
सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में मृतक के भतीजे सौरव ने इस खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बताई है। सौरव के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 6 बजे वह अपने ताऊ राजेंद्र खिलेरी के साथ ढाबे पर चाय पी रहा था। ताऊ कुर्सी पर थे और वह पास ही चारपाई पर बैठा था। इसी दौरान पास की एक टूटी हुई दीवार की ओट से दो बाइकों पर सवार होकर जिले सिंह उर्फ सेठी, विनोद गोदारा, विक्रम गोदारा और हरीश असलहों के साथ आए।
उन्होंने आते ही फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां सीधे राजेंद्र के सिर और सीने में उतरीं। सौरव ने जमीन पर लेटकर बमुश्किल अपनी जान बचाई। सौरव का आरोप है कि वारदात के बाद हमलावर अपनी बाइकें वहीं छोड़ गए और गांव का निलंबित सरपंच संजय कुमार उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर भगा ले गया। पुलिस ने इस बयान के आधार पर संजय समेत पांच के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज किया है।
पोस्टमार्टम में दहल गए डॉक्टर; जिस्म से निकले 40 से ज्यादा छर्रे
रविवार को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पूर्व सरपंच के शव का पोस्टमार्टम किया। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने बेहद करीब से देसी कट्टों और अवैध हथियारों का इस्तेमाल किया था। राजेंद्र खिलेरी के शरीर में 40 से अधिक लोहे के छर्रे धंसे हुए मिले, जबकि उनके गले में एक मुख्य गोली लगी थी। डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे चली लंबी प्रक्रिया के बाद इन छर्रों को शरीर से बाहर निकाला और फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया।
पंचायत की जमीन और ढाबे का वो विवाद, जो बना कत्ल की वजह!
पुलिस की तफ्तीश में इस हत्याकांड के पीछे कई गहरे एंगल्स सामने आ रहे हैं। जिस ‘रंगला पंजाब’ ढाबे के बाहर यह खूनखराबा हुआ, वह असल में पंचायत की शामलात जमीन पर बना है। बताया जा रहा है कि पहले इस मुनाफे वाले ढाबे का ठेका निलंबित सरपंच संजय खिलेरी की बुआ के बेटे के पास था।
लेकिन हाल ही में समीकरण बदले और यह ठेका राजेंद्र खिलेरी के परिवार के एक सदस्य को मिल गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में गहरी तल्खी थी। इसके अलावा गांव की स्थानीय राजनीति, पिछले मेलों में हुए झगड़े और चुनावी रंजिश को भी इस हत्याकांड की कड़ियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुरक्षा के साए में अंतिम विदाई; आरोपियों की धरपकड़ के लिए 4 टीमें रवाना
रविवार दोपहर को खाराखेड़ी गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में राजेंद्र खिलेरी के पार्थिव शरीर को बिश्नोई समाज की रीतियों के अनुसार दफनाया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक दुड़ाराम, मार्केट कमेटी के चेयरमैन जगदीश जाखड़ और सरपंच एसोसिएशन के ब्लॉक प्रधान सीताराम समेत भारी संख्या में लोग गमगीन माहौल में मौजूद रहे।
उधर, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अलर्ट पर है। सदर थाना प्रभारी (SHO) प्रहलाद राय ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीआईए (CIA) फतेहाबाद समेत चार विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अपराधियों को दबोचने के लिए पड़ोसी जिलों हिसार और सिरसा की पुलिस से भी इनपुट साझा किए जा रहे हैं।
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