July 10, 2026

India Pakistan cage fight: 19 जुलाई को एशिया चैंपियनशिप के लिए पाकिस्तान के आबिद अली से भिड़ेंगे संग्राम सिंह

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India Pakistan cage fight: 19 जुलाई को एशिया चैंपियनशिप के लिए पाकिस्तान के आबिद अली से भिड़ेंगे संग्राम सिंह

MMA के रिंग में दिखेगा भारत-पाकिस्तान का रोमांच

India Pakistan cage fight: भारत और पाकिस्तान के बीच खेल के मैदान पर होने वाली जंग का रोमांच एक बार फिर दुनिया के सिर चढ़कर बोलने वाला है। इस बार दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों की यह भिड़ंत क्रिकेट या हॉकी के मैदान पर नहीं, बल्कि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) के सबसे खतरनाक और प्रतिष्ठित मंच ‘केज’ (पिंजरे) के अंदर होने जा रही है। आगामी 19 जुलाई 2026 को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में भारत के दिग्गज अंतरराष्ट्रीय पहलवान और स्टार फाइटर संग्राम सिंह का मुकाबला पाकिस्तान के आबिद अली से होगा। यह हाई-वोल्टेज मैच एशिया चैंपियनशिप टाइटल के लिए खेला जाएगा, जिसका सीधा मतलब है कि इस मुकाबले को जीतने वाला फाइटर एशिया का नया किंग बनेगा।

खेल जगत की टिकीं नजरें, मलेशिया के प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं गवाह

अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में इस मुकाबले को लेकर उत्सुकता का आलम यह है कि मलेशियाई सरकार और खेल अधिकारियों के स्तर पर इसके लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। खेल गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक मुकाबले की भव्यता को देखते हुए खुद मलेशिया के प्रधानमंत्री भी इसके साक्षी बनने के लिए एरिना में पहुंच सकते हैं। हालांकि अभी इस पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी है, लेकिन यदि ऐसा होता है तो यह एशियाई MMA के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा और वीआईपी कॉम्बैट स्पोर्ट्स इवेंट बन जाएगा।

“मैं 145 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करता हूं”

मुकाबले की संवेदनशीलता और देश की उम्मीदों को लेकर संग्राम सिंह ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने बातचीत में साफ कहा कि जब भी वे केज में उतरते हैं, तो मुकाबला सिर्फ उनका नहीं होता। वे रिंग में 145 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों और उनके गौरव का प्रतिनिधित्व करते हैं। संग्राम के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाला हर मैच खेल से कहीं बढ़कर लोगों की भावनाओं से जुड़ा होता है। वे पूरे अनुशासन, फिटनेस और कड़ी रणनीति के साथ पाकिस्तान के आबिद अली को पटखनी देकर एशिया चैंपियन का खिताब भारत की झोली में डालने के इरादे से रिंग में उतरेंगे।

प्रोफेशनल MMA में अब तक अपराजित हैं संग्राम सिंह

कॉमनवेल्थ हैवीवेट रेसलिंग में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके संग्राम सिंह का प्रोफेशनल MMA करियर भी अब तक बेदाग और बेहद शानदार रहा है। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही जॉर्जिया की धरती पर पाकिस्तान के अली रज़ा नासिर को महज 90 सेकंड में नॉकआउट करके तहलका मचा दिया था। इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड्स में ट्यूनीशिया के हाकिम त्राबेल्सी और अर्जेंटीना में फ्रांस के फ्लोरियन कूडियर जैसे दमदार फाइटर्स को धूल चटाकर 3-0 का अजेय रिकॉर्ड कायम रखा। अर्जेंटीना में मिली जीत के साथ तो वे वहां प्रोफेशनल MMA मुकाबला जीतने वाले पहले भारतीय फाइटर भी बने थे।

उम्र सिर्फ एक नंबर, युवाओं के लिए बने प्रेरणास्त्रोत

जब संग्राम सिंह ने 40 साल की उम्र पार करने के बाद MMA जैसे सबसे कठिन खेल में आने का फैसला किया था, तो खेल समीक्षकों से लेकर आम प्रशंसकों तक ने उनकी उम्र पर सवाल उठाए थे। लेकिन संग्राम ने अपने फौलादी इरादों से यह साबित कर दिया कि अगर जुनून जिंदा हो, तो उम्र के आंकड़े बेमानी हो जाते हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव (IPS) ने भी संग्राम के इस जज्बे की तारीफ करते हुए उन्हें देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बताया है।

कोच को जीत का पूरा भरोसा, मलेशियाई अधिकारी भी उत्साहित

संग्राम के कोच भूपेश कुमार ने बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान संग्राम ने अपनी रेसलिंग स्किल्स के साथ-साथ स्ट्राइकिंग, पंचिंग और मानसिक मजबूती पर दिन-रात पसीना बहाया है। विरोधी फाइटर आबिद अली निश्चित रूप से एक मजबूत चुनौती पेश करेंगे, लेकिन संग्राम की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारत की एक और ऐतिहासिक जीत तय लग रही है। वहीं PMMA मलेशिया के अध्यक्ष इस्माइल मरज़ुकी बिन और सीईओ मोहम्मद हाकिम बिन लुकमान अब्दुल्ला ने इस भिड़ंत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह मुकाबला पूरी दुनिया के सामने एशियाई कॉम्बैट खेल की प्रतिभा का सबसे बड़ा उदाहरण पेश करेगा।

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