July 8, 2026

बिहार में नई टोल नीति लागू, अब स्टेट हाईवे, पुल और बाइपास पर भी लगेगा टोल

0
बिहार में नई टोल नीति लागू, अब स्टेट हाईवे, पुल और बाइपास पर भी लगेगा टोल

Bihar Toll Tax Policy 2026: किन वाहनों से लगेगा टोल, जानिए नए नियम

Bihar Toll Tax Policy 2026: बिहार सरकार ने सड़क परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नई टोल टैक्स नीति 2026 लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब केवल राष्ट्रीय राजमार्ग ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार द्वारा विकसित और अधिसूचित स्टेट हाईवे, प्रमुख पुल, बाइपास और सुरंगों पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार टोल टैक्स वसूला जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य सड़क परियोजनाओं के रखरखाव, बेहतर बुनियादी ढांचे और डिजिटल टोल संग्रह व्यवस्था को मजबूत करना है।

नई नीति लागू होने के बाद राज्य में यात्रा करने वाले व्यावसायिक वाहन चालकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। वहीं सरकार ने संकेत दिया है कि स्थानीय यात्रियों और नियमित रूप से एक ही मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों के लिए अलग रियायत व्यवस्था भी लागू की जा सकती है।

किन सड़कों पर देना होगा टोल टैक्स?

नई टोल नीति के अनुसार राज्य सरकार जिन स्टेट हाईवे, बड़े पुलों, बाइपास और सुरंगों को अधिसूचित करेगी, उन्हीं पर टोल टैक्स लागू होगा। किन मार्गों को इस दायरे में शामिल किया जाएगा, इसका फैसला संबंधित विभाग करेगा।

सरकार आवश्यकता के अनुसार भविष्य में नए मार्गों को भी टोल नेटवर्क में शामिल कर सकती है। इससे सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

किस वाहन पर कितना टोल लगेगा?

नई नीति में वाहन श्रेणी के अनुसार अलग-अलग टोल दरें तय की गई हैं। कार, जीप और वैन जैसे हल्के मोटर वाहनों के लिए 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क निर्धारित किया गया है।

छोटे व्यावसायिक वाहनों से 2 रुपये प्रति किलोमीटर टोल लिया जाएगा। बसों और ट्रकों के लिए यह दर 4.25 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है, जबकि अधिक क्षमता वाले भारी वाहनों पर 6.65 रुपये से 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर तक टोल वसूला जाएगा।

हालांकि, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहनों से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। उनके अनुसार टोल केवल पीली नंबर प्लेट वाले व्यावसायिक वाहनों से वसूला जाएगा।

क्या FASTag से ही होगा भुगतान?

नई नीति के तहत टोल वसूली को डिजिटल बनाया जाएगा। इसके लिए FASTag और सरकार द्वारा स्वीकृत अन्य इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इससे टोल प्लाजा पर वाहनों की कतारें कम होंगी, भुगतान प्रक्रिया तेज होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। बिना FASTag वाले वाहनों से अधिक शुल्क लिया जा सकता है।

ये भी पढ़ें: Cooler Tips in Monsoon: बारिश में कूलर से आती है चिपचिपी हवा? जानिए वजह और उमस कम करने के आसान तरीके

स्थानीय यात्रियों को क्या मिलेगी राहत?

नई नीति में नियमित रूप से एक ही मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत का प्रावधान रखा गया है। सरकार जरूरत के अनुसार मासिक पास, रियायती दर या मल्टीपल ट्रिप जैसी सुविधाएं शुरू कर सकती है।

हालांकि इन सुविधाओं को लागू करने के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसलिए फिलहाल इनके संचालन की विस्तृत प्रक्रिया घोषित नहीं की गई है।

ओवरलोड वाहनों पर क्यों बढ़ेगी सख्ती?

सरकार ने नई व्यवस्था में ओवरलोड वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क और दंड का प्रावधान भी शामिल किया है। इसका उद्देश्य सड़कों को होने वाले नुकसान को कम करना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है।

इसके अलावा सरकार समय-समय पर टोल दरों की समीक्षा भी कर सकेगी, ताकि जरूरत के अनुसार उनमें संशोधन किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed