Chandigarh News: शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का ऐलान, अब मांगें नहीं मानीं तो सड़कों पर होगा संघर्ष
मांगें नहीं मानीं तो सड़कों पर होगा संघर्ष
Chandigarh News: यूटी शिक्षा विभाग में कार्यरत डीसी रेट, आउटसोर्सिंग और मिड-डे मील (ग्रुप-डी) कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया। क्लास फोर एम्प्लॉइज यूनियन (पंजीकृत-638) की ओर से सेक्टर-20 स्थित मस्जिद ग्राउंड में आयोजित जनरल सभा में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। सभा में कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सभा में सबसे प्रमुख मांग ‘समान काम-समान वेतन’ को तत्काल लागू करने की रही। यूनियन के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग में वर्षों से कार्यरत डीसी रेट कर्मचारी नियमित कर्मचारियों के बराबर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कर्मचारियों को कैट, चंडीगढ़ के उस फैसले की भी जानकारी दी, जिसमें डीसी रेट कर्मचारियों के पक्ष में ‘समान काम-समान वेतन’ के सिद्धांत को स्वीकार किया गया है।
सभा में कर्मचारियों ने पिछले पांच वर्षों से बंद मिड-डे मील वर्करों पर डीसी रेट लागू करने, शिक्षा विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे विभाग के अधीन लाने और ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। उनका कहना था कि वर्षों से विभाग में सेवाएं देने के बावजूद कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और अन्य मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
यूनियन के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने कहा कि 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके डीसी रेट कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ विभाग की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, इसलिए अब उनके साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि यूनियन अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। यूनियन के महासचिव संजय यादव ने कहा कि यदि प्रशासन ने कर्मचारियों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो यूनियन व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सभा के अंत में कर्मचारियों ने एकजुटता का संकल्प लिया। यूनियन नेतृत्व ने सभी कर्मचारियों से संयुक्त कर्मचारी मोर्चा के आह्वान पर 5 अगस्त को आयोजित विरोध रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारियों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर वे अपने अधिकार हासिल करेंगे।
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