Dharmendra Pradhan Resignation: पंजाब में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर Gen-Z का जश्न, बोले- देर आए दुरुस्त आए
प्रधान के इस्तीफे पर Gen-Z का जश्न
Dharmendra Pradhan Resignation: नीट पेपर लीक मामले को लेकर पंजाब में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को जालंधर में प्रदर्शन कर रहे Gen-Z छात्रों की प्रतिक्रिया सामने आई। डीसी ऑफिस के बाहर जुटे छात्रों ने कहा कि उनकी मांग पूरी हुई है, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी अब यहीं खत्म नहीं होती। उनका कहना था कि अब ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे किसी भी परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल न उठे और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि यदि सरकार ने शुरुआत में ही जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की होती तो देशभर के छात्रों को सड़कों पर उतरने की नौबत नहीं आती। छात्रों ने कहा कि उनकी आवाज आखिरकार सुनी गई और “देर आए, दुरुस्त आए”, लेकिन भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए।
‘जो 12 साल में नहीं हुआ, वह छात्रों ने कर दिखाया’
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि जिस बदलाव की उम्मीद वर्षों से की जा रही थी, वह उनके शांतिपूर्ण संघर्ष के बाद संभव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “जो 12 साल में नहीं हुआ, वह छात्रों ने कर दिखाया।” उनका कहना था कि यह केवल किसी एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि युवाओं की एकजुट आवाज की ताकत का संदेश है। एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार को अब ऐसी ठोस व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे आने वाले समय में किसी भी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की।
पोस्टरों और मीम्स के जरिए भी जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान छात्र अलग-अलग संदेश लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे। कई पोस्टरों पर व्यंग्यात्मक और मीम शैली के संदेश लिखे गए थे। इनमें “कुचु पुचु रिजाइन दो…” और “हम नागमणि नहीं, इस्तीफा मांग रहे” जैसे नारे लोगों का ध्यान खींचते रहे। छात्रों का कहना था कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और छात्रों के अधिकारों के लिए है।
छात्रा यगीमा ने रखीं अतिरिक्त मांगें
प्रदर्शन में शामिल छात्रा यगीमा ने कहा कि उनकी मांग केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ, उनके इलाज की जिम्मेदारी सरकार उठाए। यगीमा ने यह भी मांग की कि नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और पूरे मामले की जवाबदेही तय की जाए।
रंधावा बोले- यह छात्र शक्ति और लोकतंत्र की जीत
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि यह उन लाखों छात्रों की सफलता है जिन्होंने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी। रंधावा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से छात्रों के साथ खड़ी रही। उनके अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद से लेकर सड़क तक छात्रों की आवाज उठाई, सरकार से जवाब मांगा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग लगातार की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक इस्तीफा नहीं, बल्कि लोकतंत्र, छात्र शक्ति और संघर्ष की जीत का प्रतीक है।
