Faridabad News: फरीदाबाद में पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर बिजलीकर्मी ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में SHO का नाम
खेड़ी पुल SHO के खिलाफ परिजनों का हंगामा, ACP ने दिए जांच और FIR के आदेश
Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद जिले से खाकी को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस थाने से लौटकर 60 वर्षीय एक बुजुर्ग बिजलीकर्मी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की जेब से मिली एक पुरानी डायरी में सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें सीधे तौर पर स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) का नाम लिखा है।
घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और शव को पुलिस कमिश्नर कार्यालय ले जाकर धरने पर बैठने की जिद पर अड़ गए।
2017 के केस में कोर्ट-कचहरी का काम देख रहे थे सतीश
मृतक की पहचान जनकपुर गांव निवासी सतीश कुमार (60) के रूप में हुई है। सतीश वर्ष 1988 से फरीदाबाद स्थित पावर ग्रिड कंपनी में कार्यरत थे और महज दो महीने बाद यानी 30 सितंबर 2026 को उनका रिटायरमेंट होना था।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि 2017 में हाई टेंशन बिजली लाइन के नीचे एक मजदूर की हादसे में मौत हो गई थी। इस मामले में पावर ग्रिड कंपनी के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज हुआ था। कंपनी की तरफ से इस केस की कानूनी पैरवी और थाने-कोर्ट के दस्तावेज से जुड़ा सारा काम सतीश कुमार ही देख रहे थे।
“8 घंटे थाने में बिठाया, पानी तक नहीं पीने दिया”— बेटे का छलका दर्द
सतीश के बेटे विवेक ने खेड़ी पुल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। विवेक के मुताबिक, इसी पुराने मामले का हवाला देकर पुलिस उसके पिता को बार-बार नोटिस भेजकर थाने बुला रही थी। शनिवार सुबह करीब 10 बजे भी सतीश कुमार को खेड़ी पुल थाने बुलाया गया और शाम 6 बजे तक बिठाकर रखा गया।
आरोप है कि पूछताछ के नाम पर सतीश कुमार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्हें न तो पानी पीने दिया गया और न ही बाथरूम जाने की इजाजत दी गई। अधिकारियों ने सोमवार को उन्हें गिरफ्तार करने की सीधी धमकी भी दी थी।
तनाव में घर लौटे, सुबह फंदे पर झूलता मिला शव
शनिवार रात जब सतीश घर पहुंचे तो वे बेहद डरे हुए और भारी तनाव में थे। उन्होंने परिजनों को आपबीती सुनाते हुए बताया कि पुलिस उन्हें झूठे केस में जेल भेजने की धमकी दे रही है। इसी खौफ और अपमान के चलते रविवार सुबह उन्होंने कमरे में पंखे से रस्सी बांधकर फांसी लगा ली।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जब परिजनों को सतीश की डायरी से सुसाइड नोट मिला, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।
सीपी दफ्तर के घेराव की चेतावनी के बाद हरकत में आए आला अफसर
सतीश का शव लेकर अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से साफ इनकार कर दिया और आरोपी SHO के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर अड़ गए। मामला इतना बढ़ा कि परिजन शव को सीधा पुलिस कमिश्नर दफ्तर ले जाने की तैयारी करने लगे।
स्थिति बिगड़ती देख एसीपी (मुजेसर) पंकज कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को शांत कराते हुए आश्वासन दिया कि लिखित शिकायत के आधार पर खेड़ी पुल थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी। अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद परिजन माने और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवाया गया।
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