Chandigarh News: सोनम वांगचुक समेत तीन के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका पर सुनवाई, चंडीगढ़ कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब
सोनम वांगचुक
Chandigarh News: चंडीगढ़ जिला अदालत में लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके और कुणाल कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को नोटिस जारी कर पूरे मामले पर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल अदालत ने किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश नहीं दिया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया है कि तीनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। अदालत ने मामले में पुलिस का पक्ष जानना जरूरी मानते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अब अगली सुनवाई पर चंडीगढ़ पुलिस अपनी जांच और अब तक की कार्रवाई का ब्यौरा अदालत के समक्ष पेश करेगी।
अदालत ने पहले मांगा पुलिस का पक्ष
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का फैसला पुलिस का पक्ष और उपलब्ध तथ्यों को देखने के बाद ही लिया जा सकता है। इसी कारण पुलिस को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि शिकायत मिलने के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई और आरोपों की जांच किस स्तर तक पहुंची है।
अदालत ने यह भी कहा कि फिलहाल किसी भी आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने या उन्हें दोषी मानने संबंधी कोई आदेश पारित नहीं किया गया है। मामला अभी शुरुआती कानूनी प्रक्रिया के दौर में है।
पुलिस रिपोर्ट के आधार पर होगी अगली सुनवाई
चंडीगढ़ पुलिस को अदालत में यह बताना होगा कि शिकायत मिलने के बाद क्या जांच की गई, क्या आरोपों में प्रथम दृष्टया कोई आधार बनता है और क्या एफआईआर दर्ज किए जाने की आवश्यकता है। पुलिस की रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी। यदि अदालत को लगेगा कि मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जरूरत है, तो वह कानून के अनुसार पुलिस को आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है।
याचिका में जंतर-मंतर प्रदर्शन का भी उल्लेख
याचिका में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस प्रकरण में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि अदालत ने अभी इन आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। न्यायालय ने केवल पुलिस से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है, ताकि उपलब्ध सामग्री के आधार पर आगे का निर्णय लिया जा सके।
कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत ने फिलहाल केवल नोटिस जारी किया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सिद्ध हो गए हैं। अगली सुनवाई में पुलिस की रिपोर्ट, जांच की स्थिति और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर अदालत आगे का फैसला करेगी।
