July 11, 2026

Haryana Congress: नए प्रभारी के सामने ही भिड़े हुड्डा और सुरजेवाला, मंच से एक-दूसरे पर दागे सियासी मिसाइल

0
Haryana Congress: नए प्रभारी के सामने ही भिड़े हुड्डा और सुरजेवाला, मंच से एक-दूसरे पर दागे सियासी मिसाइल

सुरजेवाला ने हुड्डा को याद दिलाए 20 साल, बोले— अब आपकी बारी है मेरा साथ देने की

Haryana Congress: हरियाणा कांग्रेस के भीतर की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी की परतें एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आ गई हैं। मौका था चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में नए सूबे के प्रभारी संजय सतीश चंद्रन दत्त के स्वागत समारोह का, लेकिन महफिल लूट ले गए प्रदेश के दो सबसे बड़े सियासी धुरंधर।

सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के बीच मंच पर ही सरेआम दिलचस्प और तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हालांकि दोनों नेताओं ने इस पूरी बहस को बेहद हल्के-फुल्के और मजाकिया लहजे में पेश करने की कोशिश की, लेकिन इसके पीछे छिपे राजनीतिक मायने और कड़वाहट को भांपने में वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और मीडिया को देर नहीं लगी।

हुड्डा ने मांगा ‘धमाके’ के लिए साथ, तो सुरजेवाला ने गिनाए 20 साल का हिसाब

समारोह के दौरान जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा माइक पर आए, तो उन्होंने रणदीप सुरजेवाला की तरफ देखते हुए मुस्कुराकर कहा, “रणदीप मेरा साथ दे दे, फिर देख धमाका।” हुड्डा के इस सियासी पासे पर सुरजेवाला भी कहां चुप रहने वाले थे; उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत पलटवार किया।

सुरजेवाला ने सीधे हुड्डा की तरफ मुखातिब होकर कहा, “हुड्डा साहब, मुझे आपका साथ देते हुए पूरे 20 साल बीत चुके हैं। अब वक्त बदल चुका है, और अब आपकी बारी है कि आप मेरा साथ दें।” इस जुबानी जंग के दौरान हॉल में बैठे नेताओं के चेहरे देखने लायक थे, क्योंकि यह सीधी भिड़ंत मुख्यमंत्री पद की अंदरूनी दावेदारी को साफ बयां कर रही थी।

चुनावी इतिहास और 46 विधायकों के आंकड़े पर दीपेंद्र हुड्डा को घेरा

रणदीप सुरजेवाला यहीं नहीं रुके, उन्होंने इसके बाद सीधे हरियाणा कांग्रेस के अब तक के चुनावी प्रदर्शन को आड़े हाथों ले लिया। सूबे के 56 साल के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए सुरजेवाला ने चुटकी ली कि कांग्रेस केवल तीन बार ही अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल कर पाई है।

इसी दौरान जब वोट प्रतिशत को लेकर चर्चा शुरू हुई, तो सुरजेवाला ने भूपेंद्र हुड्डा के सांसद बेटे दीपेंद्र हुड्डा की तरफ सीधा इशारा करते हुए कहा, “वोट प्रतिशत बढ़ने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। असली बात यह बताइए कि सरकार बनाने के लिए जरूरी 46 विधायक चुनकर आए या नहीं।”

नए प्रभारी के सामने गुटबाजी उजागर, आलाकमान के लिए फिर खड़ी हुई चुनौती

भले ही दोनों नेताओं की इस नोकझोंक पर मंच पर ठहाके गूंज रहे थे, लेकिन इसने साफ कर दिया कि हरियाणा कांग्रेस में ‘सिर-फुटौव्वल’ का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।

नए प्रभारी संजय दत्त के लिए यह पहला ही अनुभव था, जहां उन्हें अपनी ताजपोशी के दिन ही सूबे के दो सबसे बड़े गुटों के बीच की खाई को करीब से देखने का मौका मिला। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंच से किए गए ये हल्के-फुल्के कटाक्ष दरअसल आगामी चुनावों और संगठन पर कब्जे की लंबी लड़ाई का ट्रेलर मात्र हैं, जिससे निपटना कांग्रेस आलाकमान के लिए किसी बड़ी सिरदर्दी से कम नहीं होगा।

यह भी देखें – Haryana News: इनेलो ने याद दिलाया 1994 का इतिहास, कहा- हरियाणा का हिस्सा 67% से घटाकर 46% किया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed