July 31, 2026

Haryana Electricity Strike: 11 से 13 अगस्त तक ठप रह सकती है बिजली! रोहतक में कर्मचारियों ने किया बड़ा ऐलान

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Haryana Electricity Strike: 11 से 13 अगस्त तक ठप रह सकती है बिजली! रोहतक में कर्मचारियों ने किया बड़ा ऐलान

11 से 13 अगस्त तक ठप रह सकती है बिजली! रोहतक में कर्मचारियों ने किया बड़ा ऐलान

Haryana Electricity Strike: हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संघर्ष समिति के आह्वान पर पूरे प्रदेश में बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है।

ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द करने, एग्री डिस्कॉम बनाने के फैसले को वापस लेने, जोखिम भत्ते (रिस्क अलाउंस) की मंजूरी और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर सूबे के तमाम जिलों में जोरदार प्रदर्शन हुए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन जिला उपायुक्तों के जरिए मुख्यमंत्री को भेजा है।

सिरसा स्थित बिजली बोर्ड के प्रांगण में सैकड़ों कर्मचारियों और इंजीनियरों ने एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेता राजेश भाकर और सतिंदर मोंगा ने कहा कि बिजली निगमों में स्टाफ की भारी किल्लत है, जिसके चलते मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक बोझ बढ़ रहा है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जान जोखिम में डालकर काम करने वाले कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस तुरंत जारी किया जाए और एग्री डिस्कॉम जैसी जनविरोधी नीतियों को कूड़ेदान में डाला जाए।

निजीकरण के खिलाफ रोहतक में उठी आवाज, 11-13 अगस्त को ठप रहेगा काम

रोहतक में प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह गर्माया रहा। एचएसईबी वर्कर यूनियन के राज्य सचिव बलराज कुंडू ने दो टूक कहा कि बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि संयुक्त संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर 11, 12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी, जिसमें हरियाणा का हर बिजली कर्मचारी पूरी ताकत से हिस्सा लेगा।

उधर, जींद में बिजली कर्मचारी गोहाना रोड से जुलूस निकालते हुए और नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यूनियन प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि सरकार को कई दिन पहले ही मांगों का चार्टर सौंप दिया गया था, लेकिन शासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। ज्ञापन के जरिए सरकार को चेताया गया है कि अगर समय रहते बातचीत से रास्ता नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।

भिवानी में एग्री डिस्कॉम और पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था पर सवाल

भिवानी में ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य ऑडिटर धर्मवीर सिंह भट्टी ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुग्राम और नूंह में प्राइवेट कंपनियों को पैरेलल लाइसेंस देकर बिजली वितरण के निजीकरण का गुप्त रास्ता तैयार किया जा रहा है। भट्टी ने कहा कि निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा रही है, जो पूरी तरह गलत है।

इसके साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए नए ‘एग्री डिस्कॉम’ के गठन को तर्कहीन करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि जब हरियाणा में पहले से ही घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग फीडर लाइनें बिछाई जा चुकी हैं, तो अलग निगम बनाने का कोई औचित्य नहीं है। बिजली कर्मियों के इस तीखे तेवर से साफ है कि आने वाले दिनों में अगर सरकार ने कोई बीच का रास्ता नहीं निकाला, तो प्रदेश में बिजली सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

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