Kurukshetra News: हरियाणा के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी श्रीमद्भगवद्गीता, कुरुक्षेत्र में सीएम नायब सैनी का बड़ा ऐलान
कुरुक्षेत्र में सीएम नायब सैनी का बड़ा ऐलान
Kurukshetra News: हरियाणा सरकार अब राज्य की नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और नैतिक जड़ों से जोड़ने की बड़ी तैयारी में है। कुरुक्षेत्र पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रम में श्रीमद्भगवद्गीता के अध्यायों को शामिल करने और ‘घर-घर गीता’ के संदेश को पहुंचाने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर काम तेज कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक गीता मात्र कोई कर्मकांडीय धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर सही राह दिखाने वाला व्यावहारिक विज्ञान है।
मुख्यमंत्री बुधवार देर रात गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र स्थित गीता ज्ञान संस्थानम के राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचे थे। वहां उन्होंने गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज से मुलाकात कर शॉल ओढ़ाकर और मिष्ठान भेंट कर आशीर्वाद लिया और गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वहन किया।
संस्कृति और विकास के समन्वय से आगे बढ़ रहा प्रदेश
संस्थान परिसर में पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों और प्रबुद्धजनों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार विरासत और विकास को एक साथ साधकर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित कर्म, धर्म, ज्ञान और भक्ति का दर्शन ही भारत और हरियाणा के सामाजिक ताने-बाने की मजबूत नींव है। गुरु पूर्णिमा जैसे पर्व भारतीय संस्कृति की उन अमर परंपराओं की याद दिलाते हैं जो समाज को नैतिक दिशा प्रदान करती हैं।
कुरुक्षेत्र को ‘अंतरराष्ट्रीय गीता नगरी’ बनाने का रोडमैप
कुरुक्षेत्र के कायाकल्प पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पावन धरा को विश्व स्तरीय ‘अंतरराष्ट्रीय गीता नगरी’ के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ब्रह्मसरोवर, ज्योतिसर और गीता ज्ञान संस्थानम जैसे धार्मिक व सांस्कृतिक केंद्र आज केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर गीता के ज्ञान का प्रसार कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ‘अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव’ ने पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह वैश्विक पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है, उससे हरियाणा का मान दुनिया भर में बढ़ा है।
2047 के विकसित हरियाणा का आधार बनेगा ‘निष्काम कर्म’
सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि अंत्योदय की मूल भावना के साथ काम करते हुए गरीब, किसान, महिला और युवाओं के उत्थान के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं। गीता का ‘निष्काम कर्मयोग’ ही मौजूदा सरकार के सुशासन का मुख्य आधार है।
इसी सोच और दूरदर्शिता के साथ हरियाणा सरकार वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
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