Haryana News: पलवल का चांदहट थाना प्रभारी ₹2 लाख की घूस लेते गिरफ्तार, अपने ही पूर्व एएसआई से मांगी थी रिश्वत
रिटायर्ड पुलिसकर्मी को धमकाकर घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया चालू थाना प्रभारी
Haryana News: हरियाणा पुलिस का एक ऐसा अजीबोगरीब और शर्मसार करने वाला कारनामा सामने आया है, जहां ‘रक्षक ही भक्षक’ वाली कहावत पूरी तरह चरितार्थ हो गई।
हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पलवल के चांदहट थाना प्रभारी होशियार सिंह को ₹2 लाख की घूस लेते रंगे हाथों दबोच लिया। खाकी को दागदार करने वाले इस मामले में सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला पहलू यह है कि जिस शख्स से यह मोटी रकम वसूली जा रही थी, वह कोई आम नागरिक नहीं बल्कि इसी महकमे से सेवानिवृत्त हुए एक पूर्व असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) हैं।
हनीट्रैप के पुराने केस में नाम घसीटने की दी थी धमकी
इस पूरे खेल की स्क्रिप्ट साल 2023 में लिखी जानी शुरू हुई थी। शिकायतकर्ता पूर्व एएसआई ने विजिलेंस टीम को बताया कि पलवल के कैंप थाने में वर्ष 2023 के दौरान हनीट्रैप का एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें मौजूदा आरोपी ईएसआई होशियार सिंह खुद शिकायतकर्ता थे।
इस मामले की जब तफ्तीश आगे बढ़ी, तो पकड़े गए सह-आरोपियों के बयानों का सहारा लेकर होशियार सिंह ने इस रिटायर्ड एएसआई का नाम भी केस में घसीट दिया। हालांकि, पूर्व एएसआई ने इस मामले में माननीय अदालत से अग्रिम जमानत ले ली थी, लेकिन केस से पूरी तरह पीछा छुड़ाने और आपसी समझौते के नाम पर थाना प्रभारी होशियार सिंह लगातार ₹2 लाख की मांग कर रहे थे।
एसीबी का जाल और रंगे हाथ दबोचा गया थानेदार
अपने ही विभाग के अफसर की इस ब्लैकमेलिंग से तंग आकर रिटायर्ड एएसआई ने सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का रुख किया। ब्यूरो ने पहले गोपनीय तरीके से शिकायत की सच्चाई को परखा और जब मामला सही पाया गया, तो इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की अगुवाई में एक मजबूत जाल बुना गया।
तय रणनीति के मुताबिक जैसे ही शिकायतकर्ता पूर्व एएसआई ने ₹2 लाख के नोटों से भरा पैकेट आरोपी थाना प्रभारी होशियार सिंह को थमाया, घात लगाकर बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। कैमिकल टेस्ट के दौरान जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिसने उसके गुनाह पर मुहर लगा दी।
फरीदाबाद में मुकदमा दर्ज, कानूनी प्रक्रियाओं का हुआ पालन
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के संबंध में फरीदाबाद स्थित एसीबी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी और गिरफ्तारी की इस पूरी कार्रवाई के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 105 के तहत तय किए गए सभी कानूनी नियमों और वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया है, ताकि आरोपी कोर्ट में कानून के शिकंजे से बच न सके। फिलहाल आरोपी थाना प्रभारी से गहन पूछताछ की जा रही है।
टोल-फ्री नंबर पर शिकायत की अपील
इस बड़ी कामयाबी के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आम जनता से भी खुलकर सामने आने की अपील की है। ब्यूरो ने कहा कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी काम के एवज में जायज या नाजायज पैसों की मांग करता है, तो तुरंत विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या फिर हेल्पलाइन नंबर 1064 पर संपर्क करें।
शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह गुप्त रखा जाता है और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ त्वरित और निष्पक्ष एक्शन लिया जाता है।
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