Panipat News: पानीपत में ‘लुटेरी दुल्हन’ का खौफनाक खेल, पति-देवर को नशीली चाय पिलाकर नकदी-जेवर लेकर फरार
दो महीने की गर्भवती दुल्हन ने मायके में कराया अबॉर्शन, अब ससुराल में बड़ी ठगी कर हुई रफूचक्कर
Panipat News” कहते हैं शादियां भरोसे की बुनियाद पर टिकती हैं, लेकिन पानीपत की बंसी कॉलोनी में रहने वाले कृष्ण के साथ जो हुआ, उसने इस भरोसे की धज्जियां उड़ा दी हैं। शादी के महज 90 दिन बाद ही उसकी पत्नी घर के सुनहरे भविष्य के सपने की जगह पूरे घर को ही खोखला कर भाग निकली।
शातिर दुल्हन ने वारदात को अंजाम देने के लिए फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा तरीका अपनाया। उसने पहले अपने पति और देवर को चाय में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाईं और जब दोनों भाई अचेत होकर गहरी नींद में सो गए, तो वह बड़े आराम से गहने, नकदी और कीमती सामान लेकर चंपत हो गई।
जागरण का काम निपटाकर लौटे थे भाई, चाय पीते ही आ गई बेहोशी
पीड़ित पति कृष्ण ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह शादी-समारोहों और धार्मिक आयोजनों में लाइट लगाने का काम करता है। बीते 10 जुलाई 2026 की सुबह वह अपने छोटे भाई के साथ रातभर एक जागरण का काम निपटाकर थका-हारा घर लौटा था।
दोनों भाइयों को थका हुआ देख पत्नी निवृत्ति (22 वर्ष) ने बड़े प्यार से चाय बनाकर पिलाई। कृष्ण का कहना है कि चाय की आखिरी घूंट गले से नीचे उतरते ही दोनों के सिर भारी होने लगे और वे ऐसे सोए कि उन्हें दिन-दुनिया की कोई सुध नहीं रही।
दोपहर में खुली आंख तो घर साफ, हिमाचल में मायके वालों के भी उड़े होश
दोपहर करीब 2 बजे जब दोनों भाइयों का नशा कुछ कम हुआ और आंखें खुलीं, तो घर का नजारा देखकर उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। घर से निवृत्ति गायब थी। हड़बड़ाहट में जब अलमारियां चेक की गईं, तो उसमें रखी भारी नकदी, सोने-चांदी के जेवरात, कपड़े और यहां तक कि कृष्ण का मोबाइल व जरूरी कागजात भी गायब थे।
कृष्ण ने तुरंत हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में रहने वाले अपनी ससुराल में फोन घुमाया, लेकिन निवृत्ति के पिता किशोरी लाल और अन्य परिजनों को भी इस बारे में कोई इल्म नहीं था।
पड़ोस के सीसीटीवी में कैद हुई ‘दबे पांव’ भागती दुल्हन; पंडित जी का रिश्ता भी शक के दायरे में
जब आसपास के इलाके में खोजबीन की गई तो गली में लगे एक सीसीटीवी कैमरे ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया। फुटेज में साफ दिख रहा है कि सुबह करीब 11 बजे, जब दोनों भाई बेसुध पड़े थे, निवृत्ति दबे पांव और छिपते-छिपाते हुए गली से बाहर निकल रही है।
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह रिश्ता पड़ोस में रहने वाले एक पंडित जी ने अपनी रिश्तेदारी का हवाला देकर कराया था। यही नहीं, निवृत्ति दो महीने की गर्भवती भी थी, लेकिन कुछ दिन पहले ही उसने मायके जाकर यह कहते हुए अबॉर्शन (गर्भपात) करा लिया था कि पहाड़ी रास्तों पर सफर के दौरान उसका मिसकैरेज हो गया था।
परिजनों ने करीब एक हफ्ते तक बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और तमाम रिश्तेदारों के यहां खाक छानी, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो मॉडल टाउन थाने में गुहार लगाई गई। थाना पुलिस ने पीड़ित पति की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दुल्हन की आखिरी लोकेशन ट्रैकिंग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगालने में जुटी है ताकि इस शातिर गैंग या महिला का पता लगाया जा सके।
