July 6, 2026

July Humidity Summer Health Tips: जुलाई की चिपचिपी गर्मी से बचने के लिए आजमाएं ये हेल्थ टिप्स, कभी नहीं होगी पानी की कमी

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July Humidity Summer Health Tips: जुलाई की चिपचिपी गर्मी से बचने के लिए आजमाएं ये हेल्थ टिप्स, कभी नहीं होगी पानी की कमी

बोतलबंद ड्रिंक्स छोड़ें! इस उमस भरे मौसम में पेट को ठंडा रखेंगे दही

July Humidity Summer Health Tips: आमतौर पर लोग सोचते हैं कि मई और जून की कड़क धूप बीतने के बाद राहत मिल जाएगी, लेकिन जुलाई की शुरुआत होते ही मौसम का एक अलग और ज्यादा परेशान करने वाला रूप सामने आता है। हवा में नमी का स्तर बढ़ने के कारण होने वाली यह ‘चिपचिपी गर्मी’ इंसान के पसीने को सूखने नहीं देती, जिससे शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम सुस्त पड़ जाता है। इस मौसम में मामूली काम करने पर भी बदन पूरी तरह टूट जाता है और थकान हावी होने लगती है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस दौर में लापरवाही बरतने पर लोग बहुत जल्दी डिहाइड्रेशन और मौसमी बीमारियों की गिरफ्त में आ जाते हैं।

हाइड्रेशन ही है सबसे बड़ा सुरक्षा कवच

“इस मौसम में प्यास लगने का इंतजार न करें। जब हवा में उमस ज्यादा हो, तो शरीर से बिना अहसास हुए भी पानी और जरूरी लवण (इलेक्ट्रोलाइट्स) बाहर निकलते रहते हैं।”

खुद को अंदर से रीचार्ज रखने के लिए दिन भर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना अनिवार्य है। अगर आप फील्ड में काम करते हैं या धूप में निकलना आपकी मजबूरी है, तो साधारण पानी के बजाय ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू पानी या पुदीने का शरबत अपने पास जरूर रखें। ये चीजें शरीर के सोडियम और पोटैशियम लेवल को गिरने नहीं देतीं, जिससे अचानक चक्कर आने या कमजोरी महसूस होने का खतरा टल जाता है।

पेट को ठंडा रखेंगे ये देसी और पारंपरिक नुस्खे

गर्मी के इस सीजन में हमारी रसोई और खान-पान की आदतें ही हमारी सबसे बड़ी ढाल हैं। भारी और गरिष्ठ भोजन इस मौसम में पाचन तंत्र को पूरी तरह बिगाड़ सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ कुछ खास आदतों को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं:

ठंडी चीजों का विकल्प: अपने दोपहर के भोजन में दही, छाछ या लस्सी को अनिवार्य रूप से शामिल करें। यह न केवल खाने को पचाने में मदद करता है बल्कि पेट के तापमान को भी नियंत्रित रखता है।

पानी से भरपूर फल: इन दिनों बाजार में मिलने वाले तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे फलों का सलाद के रूप में खूब सेवन करें। इनमें पानी की मात्रा 90% से अधिक होती है, जो प्राकृतिक रूप से शरीर को हाइड्रेटेड रखती है।

मसालों से तौबा: ज्यादा तला-भुना, चाट-पकौड़ी और अत्यधिक गरम मसालों वाले भोजन से दूरी बना लें। यह शरीर में एसिडिटी और डिहाइड्रेशन की प्रक्रिया को तेज करते हैं।

दोपहर की धूप से बचें और बदलें कपड़ों का मिजाज

बचाव के अन्य पहलुओं पर बात करें तो दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक की धूप सबसे ज्यादा तीखी और खतरनाक होती है। कोशिश करें कि इस दौरान अपने जरूरी कामों को टाल दें या घर के भीतर ही रहें। अगर बाहर जाना बेहद जरूरी हो, तो बिना छाते, धूप के चश्मे (सनग्लासेस) और चौड़ी टोपी के कदम न निकालें।

इसके अलावा, इस मौसम में सिंथेटिक, नायलॉन या तंग कपड़े पहनने की भूल बिल्कुल न करें। ऐसे कपड़े पसीने को सोख नहीं पाते, जिससे त्वचा पर घमौरियां और फंगल इंफेक्शन होने का डर रहता है। हमेशा हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती (कॉटन) कपड़ों को ही प्राथमिकता दें, ताकि त्वचा को हवा मिलती रहे और आप इस चिपचिपे मौसम में भी सहज महसूस कर सकें।

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