Kalayat News: हाथों में कैंडल और इंसाफ की तख्तियां, राजस्थान गैंगरेप के खिलाफ कलायत की सड़कों पर उतरीं छात्राएं
कलायत में 30 दोषियों को फांसी देने की मांग के साथ रोष मार्च
Kalayat News: राजस्थान में एक 13 साल की मासूम नाबालिग लड़की के साथ 30 युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की रूह कंपा देने वाली वारदात ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस दरिंदगी के खिलाफ देशव्यापी गुस्से के बीच हरियाणा के कैथल जिले के कलायत कस्बे में युवाओं और छात्र संगठनों का आक्रोश फूट पड़ा। बुधवार शाम को स्थानीय युवाओं ने इस खौफनाक कांड के विरोध में एक विशाल रोष और कैंडल मार्च निकाला। हाथों में इंसाफ की मांग वाली तख्तियां थामे प्रदर्शनकारी जब कलायत के मुख्य बाजारों से गुजरे, तो पूरा इलाका दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के नारों से गूंज उठा। इस विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी ताकत स्कूल-कॉलेज की छात्राएं और स्थानीय महिलाएं बनीं, जिन्होंने गृहणियों की दहलीज लांघकर इस लड़ाई में अपनी आवाज बुलंद की।
महिला सुरक्षा के दावों की खुली पोल, धरातल पर कानून का खौफ खत्म
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने देश और प्रदेशों में महिला सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले सियासी और प्रशासनिक दावों को आड़े हाथों लिया। मार्च का नेतृत्व कर रहे वक्ताओं ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि आए दिन बेटियों के साथ हो रही ऐसी बर्बर घटनाएं यह साबित करने के लिए काफी हैं कि अपराधियों के दिलों में कानून का कोई खौफ बाकी नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि सरकारें कागजों और विज्ञापनों में तो महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के बड़े-बड़े ढोल पीटती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बेटियां आज भी घर से बाहर कदम रखने में असुरक्षित महसूस करती हैं।
“जब तक 30 दरिंदों को बीच चौराहे पर कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक समाज में ऐसी घिनौनी सोच रखने वालों को सबक नहीं मिलेगा। यह सिर्फ एक बेटी के साथ नहीं, बल्कि पूरी मानवता के साथ हुआ अपराध है।”
— प्रदर्शनकारी युवा, कलायत
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और फांसी की सजा पर अड़े युवा
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक अबोध बच्ची के साथ जिस तरह की हैवानियत को अंजाम दिया गया, उसने पूरे सभ्य समाज के माथे पर कलंक लगा दिया है। कलायत के युवाओं ने केंद्र और संबंधित राज्य सरकार के साथ-साथ न्यायपालिका से बेहद स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि इस पूरे संवेदनशील मामले की रोजाना सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर हुंकार भरी कि इस केस में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी 30 आरोपियों को चिह्नित कर जल्द से जल्द फांसी के फंदे पर लटकाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस तरह का घिनौना कृत्य करने की जुर्रत न कर सके।
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