Karnal News: सेक्टर 9 चौकी में एसीबी का छापा, 3 हजार की रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल रंगे हाथ गिरफ्तार
4 हजार की घूस मांग रहे थे दो पुलिसकर्मी, 3 हजार लेते ही एसीबी ने चौकी से उठाया
Karnal News: करनाल में खाकी को शर्मसार करने वाला एक नया मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने सेक्टर 9 पुलिस चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल संजीव कुमार को 3,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि कार्रवाई के दौरान एसीबी की भनक लगते ही दूसरा आरोपी हेड कांस्टेबल महादेव मौके से भागने में सफल रहा।
पूरा मामला एक मारपीट के मुकदमे से जुड़ी जब्त स्कूटी को छोड़ने के नाम पर वसूली से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मारपीट के एक मामले में उसकी स्कूटी सेक्टर 9 पुलिस चौकी में खड़ी थी। वाहन को छोड़ने के बदले चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल संजीव कुमार और महादेव लगातार उस पर दबाव बना रहे थे। दोनों पुलिसकर्मियों ने शुरुआत में 4,000 रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में सौदा 3,000 रुपये में तय हुआ।
पाउडर लगे नोटों का बिछाया जाल, चौकी में ही दबोचा
परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की करनाल इकाई से की। शिकायत की पुष्टि होने पर एसीबी के डीएसपी सतीश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता को फिनोलफ्थलीन केमिकल लगे 3,000 रुपये देकर पुलिस चौकी भेजा गया और एसीबी की टीम ने आसपास अपना जाल बिछा दिया।
जैसे ही पीड़ित ने चौकी के भीतर हेड कांस्टेबल संजीव कुमार को रिश्वत की रकम सौंपी, वैसे ही मुस्तैद एसीबी टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के हाथों से केमिकल लगे नोट बरामद कर लिए गए। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के बीच दूसरे आरोपी हेड कांस्टेबल महादेव को भनक लग गई और वह मौके की नजाकत को देखते हुए फरार हो गया।
एसीबी थाना करनाल में FIR दर्ज, दूसरे आरोपी की तलाश में दबिश
एसीबी के डीएसपी सतीश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी संजीव कुमार को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
वहीं, मौके से फरार हुए हेड कांस्टेबल महादेव की धरपकड़ के लिए एसीबी की एक अलग टीम का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। एसीबी अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
