Karnal News: ससुराल में बंधक बहन को बचाने गए भाई की रास्ते में बेरहमी से हत्या, करनाल में सनसनी
साल भर पहले बसे घर में मातम, बहन की जान बचाने गए रायसन के युवक जसविंद्र की हत्या
Karnal News: करनाल के निसिंग क्षेत्र के कुचपुरा गांव से रिश्तों को शर्मसार करने वाली और कानून व्यवस्था को चुनौती देती एक खौफनाक वारदात सामने आई है। ससुराल की प्रताड़ना और मारपीट का शिकार हो रही अपनी सगी बहन की जान बचाने निकले एक भाई को रास्ते में ही मौत के घाट उतार दिया गया। मृतक की पहचान रायसन गांव निवासी 28 वर्षीय जसविंद्र के रूप में हुई है, जिसकी महज साल भर पहले ही शादी हुई थी।
बहन की एक चीख पर आधी रात को भाइयों के साथ घर से दौड़े जसविंद्र को क्या मालूम था कि कुचपुरा गांव की सरहद उसकी जिंदगी का आखिरी मुकाम साबित होगी। इस दुस्साहसिक हत्या के बाद से पूरे इलाके में रोष और गहरे तनाव की स्थिति बनी हुई है।
‘भाई मुझे बचा लो…’ – रात को आई एक कॉल और उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, रायसन निवासी मंजू की शादी करीब एक साल पहले कुचपुरा के रहने वाले मनीष के साथ हुई थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद से ही मंजू के लिए उसका ससुराल किसी नरक जैसा बन गया था। मौसेरे भाई कपिल ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग मंजू को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे।
बीती रात प्रताड़ना की सारी हदें पार हो गईं। मंजू ने रोते हुए अपने भाई जसविंद्र को फोन मिलाया और कहा कि उसकी जान खतरे में है। बहन की रोती हुई आवाज सुनकर जसविंद्र से रहा नहीं गया और वह अपने भाइयों को साथ लेकर तुरंत बाइक से कुचपुरा के लिए रवाना हो गया। आरोप है कि जैसे ही वे गांव के मुहाने पर पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे कुछ हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों व हथियारों से जसविंद्र पर टूट पड़े।
गर्दन पर चाकू रखकर मांगे 20 लाख, गहने छीन कमरे में किया था बंद
अस्पताल के बाहर बिलख रही पीड़ित बहन मंजू ने ससुराल वालों की दरिंदगी की जो कहानी बयां की, उसे सुनकर हर किसी की रूह कांप गई। मंजू ने बताया कि बीती रात उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, उसके सारे गहने जबरन छीन लिए गए और उसे एक कमरे में बंधक बना दिया गया।
बात यहीं खत्म नहीं हुई, आरोपियों ने उसकी गर्दन पर चाकू सटा दिया और मायके से 20 लाख रुपये नकद मंगवाने का दबाव बनाने लगे। मंजू के मुताबिक, इससे पहले भी जब उसका भाई उसे ससुराल से विदा कराने आया था, तब भी उसके साथ बदसलूकी और मारपीट की गई थी। इसी खौफ के बीच उसने किसी तरह छिपकर अपने भाई को फोन किया था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी यह कॉल उसके भाई की मौत का परवाना बन जाएगी।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा, आरोपियों की तलाश तेज
खून से लथपथ और अचेत हो चुके जसविंद्र को उसके भाई तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां हालत बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उसे करनाल रेफर कर दिया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और करनाल के डॉक्टरों ने जसविंद्र को मृत घोषित कर दिया। वारदात की भनक लगते ही निसिंग थाना पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया और फिर उसे रोते-बिलखते परिजनों के हवाले कर दिया। जांच अधिकारियों का कहना है कि मंजू और उसके मायके पक्ष के बयानों के आधार पर हत्या और दहेज प्रताड़ना की धाराओं के तहत केस दर्ज किया जा रहा है। वारदात में शामिल सभी आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
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