Kurukshetra Jyotisar: कुरुक्षेत्र में गर्मी का सितम, श्रद्धालुओं के लिए संजीवनी बना गन्ने का ताजा रस
लू और डिहाइड्रेशन से बचाएगा गन्ने का रस
Kurukshetra Jyotisar ज्योतिसर (पवन शर्मा) मौसम के बदले मिजाज और आसमान से बरसती आग ने इन दिनों कुरुक्षेत्र और आसपास के इलाकों को पूरी तरह झुलसा रखा है। कड़ाके की धूप और चिपचिपी उमस के कारण आम जनजीवन बेहाल है। इस तपती गर्मी के बीच, महाभारत की गीता स्थली ज्योतिसर और कुरुक्षेत्र के अन्य पवित्र घाटों पर नमन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए ‘गन्ने का रस’ एक संजीवनी बनकर उभरा है। तीर्थ स्थलों के मुख्य मार्गों और बाजारों में पैर पसार चुकी गन्ने के रस की रेहड़ियों और दुकानों पर पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है। सुबह की पहली किरण से लेकर देर शाम तक इन दुकानों पर ग्राहकों की कतारें इस बात का सबूत हैं कि लोग पैकेज्ड कोल्ड ड्रिंक्स को छोड़कर इस देसी और किफायती पेय पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।
श्रद्धालुओं का अनुभव: ‘सस्ते में सेहत और तुरंत राहत’
“घंटों सफर करने और पैदल चलने के बाद जब बदन पूरी तरह टूट जाता है, तब गन्ने का एक गिलास ठंडा रस शरीर में नया जीवन फूंक देता है। यह बाजार में मिलने वाली बोतलबंद कोल्ड ड्रिंक से हजार गुना बेहतर और सस्ता है।” – रमेश कुमार, दिल्ली से आए श्रद्धालु
दूर-दराज से आ रहे पर्यटकों का भी यही मानना है कि पुदीना, नींबू और अदरक के तड़के के साथ बर्फ की सिल्लियों से रगड़कर निकाला गया यह ताजा रस न केवल हलक को तर करता है, बल्कि जेब पर भी भारी नहीं पड़ता।
पौष्टिकता का खजाना: क्यों है यह सेहत के लिए वरदान?
चिकित्सकों और आहार विशेषज्ञों (Nutritionists) की मानें, तो गन्ने का रस केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं है, बल्कि यह औषधीय गुणों का पावरहाउस है। इस प्राकृतिक पेय में प्रचुर मात्रा में ‘नेचुरल सुगर’ होती है, जो शरीर के ग्लूकोज लेवल को तुरंत बूस्ट करती है। इसके अलावा इसमें:
एसेंशियल मिनरल्स: कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो गर्मी के दिनों में पसीने के जरिए शरीर से बाहर निकले लवणों की कमी को पूरा करते हैं।
एंटी-डिहाइड्रेशन: यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखता है, जिससे इंसान सनस्ट्रोक (लू) और डिहाइड्रेशन के खतरे से महफूज रहता है।
सेहत की घूंट में छिपे खतरे से सावधान!
तमाम खूबियों के बावजूद, डॉक्टरों ने इस मौसम में एक बेहद जरूरी हिदायत भी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि गन्ने का रस पीते समय स्वाद से ज्यादा स्वच्छता (Hygiene) पर ध्यान देना लाजमी है। सड़क किनारे बिना ढके रखे गए गन्ने, गंदे पानी से बनी बर्फ और क्रशिंग मशीन के आस-पास भिनभिनाती मक्खियां पीलिया, टायफायड और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों को दावत दे सकती हैं। इसलिए, जब भी रस पिएं, यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि दुकानदार साफ-सुथरे बर्तनों का इस्तेमाल कर रहा हो और गन्ना पूरी तरह धोकर मशीन में डाला जा रहा हो।
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