Mahendragarh News: महेंद्रगढ़ में लोन के नाम पर 22.53 लाख की ठगी, कम ब्याज का झांसा देकर दिल्ली के शातिर ने लगाया चूना
सिबिल स्कोर सुधारने के बहाने ऐंठ लिए 22 लाख रुपये: महेंद्रगढ़ पुलिस ने दिल्ली निवासी पर दर्ज की FIR
Mahendragarh News: दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में साइबर और वित्तीय ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। गांव कैमला के रहने वाले मनोज कुमार से कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर 22 लाख 53 हजार 900 रुपये ऐंठ लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) नारनौल ने पड़ताल की, जिसके बाद थाना सदर महेंद्रगढ़ पुलिस ने दिल्ली निवासी आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीड़ित मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपना नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक जानी-मानी फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया और बहुत कम ब्याज दर पर 40 से 45 लाख रुपये का लोन जल्द से जल्द पास कराने का भरोसा दिया।
सिबिल स्कोर का डर दिखाकर वसूले लाखों रुपये
ठगी की बिसात बिछाते हुए आरोपी ने सबसे पहले मनोज से पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड और पैन कार्ड मांगे। दस्तावेज हासिल करने के कुछ दिनों बाद आरोपी ने पीड़ित को फोन कर बताया कि उनका सिबिल (CIBIL) स्कोर काफी खराब है। उसने दावा किया कि बिना प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज और सिबिल स्कोर ठीक किए बैंक से लोन जारी नहीं हो सकता।
लोन की जरूरत को देखते हुए मनोज आरोपी के झांसे में आ गए। इसके बाद शातिर ठग ने अलग-अलग तारीखों में विभिन्न बैंक खातों और फोन-पे के जरिए कुल 22.53 लाख रुपये जमा करवा लिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी लोन की राशि खाते में नहीं आई, तो मनोज ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। इस पर आरोपी टालमटोल करने लगा और बाद में पीड़ित को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकियां देने लगा।
ईओडब्ल्यू की जांच में खुला राज, अब पुलिस की गिरफ्त में होगा आरोपी
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई, जिसकी प्राथमिक जांच आर्थिक अपराध शाखा नारनौल की प्रभारी उपनिरीक्षक सारिका की देखरेख में हुई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने पैसे के लेन-देन के सभी रसीद, बैंक स्टेटमेंट और बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग जांच टीम को सौंपी। आरोपी अजर सतीजा (निवासी अशोक नगर, पश्चिम दिल्ली) जांच में शामिल होने तो नहीं पहुंचा, लेकिन फोन पर उसने खुद को एक फाइनेंस कंपनी का डायरेक्ट सेलिंग एजेंट (DSA) बताया।
ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि प्रथम दृष्टया यह मामला लोन दिलाने के नाम पर की गई धोखाधड़ी का है। इसके बाद ईओडब्ल्यू की सिफारिश पर थाना सदर महेंद्रगढ़ पुलिस ने आरोपी अजर सतीजा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की आगामी तफ्तीश एएसआई राजेश कुमार को सौंपी गई है और पुलिस टीम जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने दिल्ली दबिश दे सकती है।
