Mahendragarh News: नारनौल में बंद स्टोन क्रेशर में मिला यूपी के मजदूर का शव, परिजनों ने काटा बवाल
होद में पड़ी रही लाश, शव उठाने से परिजनों का इनकार; नारनौल क्रेशर केस में डीएसपी मौके पर
Mahendragarh News: नारनौल के निजामपुर थाना इलाके के गांव खातौली अहीर में स्थित ‘श्री गणेश स्टोन क्रेशर’ में शुक्रवार को उस वक्त भारी बवाल हो गया, जब वहां एक मजदूर का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। मृतक की पहचान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले 47 वर्षीय बाबूराम के रूप में हुई है।
बाबूराम का शव क्रेशर के कन्वेयर सिस्टम के नीचे बने गहरे होद में पड़ा मिला। जैसे ही सुबह यह खबर फैली, गांव के स्थानीय लोग, मृतक के परिजन और क्रेशर पर काम करने वाले अन्य प्रवासी मजदूर भारी संख्या में वहां जुट गए। पुलिस के मुताबिक, उन्हें रात करीब ढाई बजे हादसे की सूचना मिली थी, लेकिन सुबह होते-होते क्रेशर परिसर छावनी में तब्दील हो गया क्योंकि गुस्साए लोगों ने वहां जमकर हंगामा शुरू कर दिया।
‘जब 10 महीने से बिजली कटी, तो करंट कैसे लगा?’ ग्रामीणों ने पुलिस थ्योरी को नकारा
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी भारत भूषण और सीआईए प्रभारी संदीप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती दौर में जब पुलिस ने अंदेशा जताया कि मौत करंट लगने की वजह से हो सकती है, तो ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा और भड़क गया।
गांव के वेद प्रकाश शर्मा ने पुलिस के दावों पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्टोन क्रेशर पिछले 10 से 12 महीनों से बंद पड़ा है। बिजली का करीब 5 से 10 लाख रुपये का बिल बकाया होने के कारण इसका कनेक्शन बहुत पहले ही काटा जा चुका है। ऐसे में होद के भीतर करंट आने का कोई तुक ही नहीं बनता। परिजनों का साफ आरोप है कि जब क्रेशर बंद था, तो बाबूराम को मालिकों ने यहां क्यों और किसके कहने पर बुलाया था?
निष्पक्ष जांच पर अड़े परिजन, एफएसएल टीम जांच में जुटी
प्रवासी मजदूरों और परिजनों का आरोप है कि बाबूराम की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं है, बल्कि यह सीधे-सीधे हत्या का मामला है। उनका कहना है कि वारदात गुरुवार शाम की है, लेकिन इसकी भनक देर रात को दी गई। गुस्साए लोग इस बात पर अड़े हैं कि जब तक क्रेशर मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और इंसाफ का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे शव को होद से बाहर नहीं निकालने देंगे।
निजामपुर थाना प्रभारी धर्मसिंह ने बताया कि गतिरोध को तोड़ने और मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए सीन ऑफ क्राइम और एफएसएल (FSL) की टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से जांच करने का आश्वासन दिया है, ताकि सच सामने आ सके।
यह भी पढ़ें– Rewari News: नशे में धुत युवती ने रेवाड़ी के झज्जर चौक पर किया हंगामा, पुलिस और डॉक्टरों से भी भिड़ी
