Panchkula News: पिंजौर में अतिक्रमण हटाने पर बवाल, थाने के बाहर ही भिड़ गए पार्षद और थाना प्रभारी
पिंजौर थाने की सुरक्षा के लिए हटाई गईं रेहड़ी-फड़ियां, सड़क किनारे खड़े जब्त वाहन भी क्रेन से खींचे
Panchkula News: हरियाणा के पंचकूला स्थित पिंजौर से एक हाई-वोल्टेज ड्रामे की खबर सामने आई है। यहां पिंजौर थाना परिसर की सुरक्षा और मुख्य सड़क पर यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के मकसद से बुधवार को पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाया। पुलिस की टीम जैसे ही थाने की चहारदीवारी से सटकर अवैध रूप से लगाई गई रेहड़ी-फड़ियों को हटाने पहुंची, तो मौके पर हड़कंप मच गया।
देखते ही देखते इस कार्रवाई ने राजनीतिक मोड़ ले लिया और स्थानीय पार्षद सौरभ गुप्ता रेहड़ी संचालकों के समर्थन में पुलिस से उलझ गए। इस दौरान पार्षद और पिंजौर थाना प्रभारी के बीच हुई तीखी नोकझोंक का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखे तर्कों का दौर चलता दिखाई दे रहा है।
सुरक्षा और ट्रैफिक सुधार के लिए पुलिस ने उठाया सख्त कदम
दरअसल, पिंजौर थाने के आसपास और मुख्य मार्ग पर आए दिन लगने वाले जाम और सुरक्षा संबंधी इनपुट्स को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यह कदम उठाया गया था। पुलिस ने न केवल दीवार से सटी दुकानों और रेहड़ियों को पीछे धकेला, बल्कि थाने के बाहर मुख्य सड़क के किनारे कबाड़ बन चुके और लंबे समय से खड़े इंपाउंड (जब्त किए गए) वाहनों को भी क्रेन की मदद से वहां से हटवा दिया।
प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद से पिंजौर की इस व्यस्त सड़क पर राहगीरों को पैदल चलने में आसानी होगी और वाहन चालकों को आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
जनहित बनाम आजीविका: कार्रवाई पर बंटी स्थानीय लोगों की राय
पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई को लेकर पिंजौर के स्थानीय निवासियों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। शहर के एक बड़े तबके और रोज सफर करने वाले राहगीरों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की है।
उनका कहना है कि सरकारी दफ्तरों और थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चुस्त होनी ही चाहिए और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखा जाना जरूरी है। इसके विपरीत, प्रभावित हुए रेहड़ी-फड़ी संचालकों का दर्द भी सामने आया है। दुकानदारों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या पुनर्वास की व्यवस्था किए इस तरह अचानक आजीविका के साधन को हटा देना उनके पेट पर लात मारने जैसा है।
कानून-व्यवस्था हमारी पहली प्राथमिकता: थाना प्रभारी राजेश कुमार
हंगामे के बीच अपनी बात रखते हुए पिंजौर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस किसी के रोजगार के खिलाफ नहीं है, लेकिन थाना परिसर और वहां तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने दलील दी कि चहारदीवारी से सटकर इस तरह रेहड़ियां लगाना सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था।
थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना और शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखना पुलिस की पहली और प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। मामले को शांत कराने के बाद पुलिस ने पूरा इलाका खाली करा दिया है।
यह भी पढ़ें– Mahendragarh News: नारनौल में नाबालिग छात्रा को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म, पड़ोस के राहुल पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज
