Pehowa Police Encounter: ब्लॉक समिति मेंबर की हत्या करने आया था बदमाश, कुरुक्षेत्र में सीआईए ने फिल्मी अंदाज में दबोचे शूटर
कुरुक्षेत्र पुलिस की बड़ी कामयाबी
Pehowa Police Encounter: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के पिहोवा इलाके में दो दिन पहले पुलिस और बदमाशों के बीच हाइवे पर हुई आमने-सामने की मुठभेड़ के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुए कुख्यात आरोपी संजय उर्फ दीपू रंधावा को अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही कुरुक्षेत्र पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि फौजी प्लॉट का रहने वाला संजय अवैध हथियारों के बल पर ब्लॉक समिति सदस्य सचिन की हत्या करने की पूरी तैयारी कर चुका था। वह 7 जुलाई को वारदात को अंजाम देने के लिए जाल बिछा रहा था, लेकिन ऐन वक्त पर खुफिया सूचना के आधार पर पहुंची सीआईए-1 (CIA-1) की टीम ने उसकी खूनी साजिश को नाकाम कर दिया।
पत्नी से बातचीत बनी खूनी खेल की वजह, तलवारों से किया था हमला
इस पूरे विवाद और जानलेवा रंजिश की जड़ें आपसी रिश्तों से जुड़ी हैं। ब्लॉक समिति सदस्य और सतोड़ा के रहने वाले पीड़ित सचिन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी एक आरोपी की पत्नी से सामान्य बातचीत होती थी। यह बात आरोपियों को नागवार गुजरी और वे सचिन को रास्ते से हटाने का प्लान बनाने लगे।
इसी रंजिश के चलते बीती 20 जून को जब सचिन उसी महिला की एक्टिवा लेकर अरनैचा गांव से लौट रहा था, तब रास्ते में आरोपी आकाश, संजय, कुलदीप और नवाब ने उसे घेर लिया था। उस वक्त नवाब ने देसी कट्टा दिखाकर सचिन को रोका और बाकी आरोपियों ने तलवारों और गंडासी से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। इस हमले में सचिन गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसे बाद में चंडीगढ़ पीजीआई रेफर करना पड़ा था।
हाइवे पर पुलिस को देखते ही तान दिया कट्टा, तीन राउंड की फायरिंग
सीआईए-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार के मुताबिक, 20 जून की वारदात के बाद से ही आरोपी फरार चल रहे थे। मंगलवार यानी 7 जुलाई की रात पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला कि मुख्य आरोपी संजय उर्फ दीपू रंधावा एनएच-152 पर फूलगढ़ बस स्टैंड के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़ा है।
जब पुलिस टीम ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा, तो उसने भागने की कोशिश करते हुए सीधे पुलिस टीम पर सीधे तीन राउंड फायर झोंक दिए। इस दौरान एक गोली एक पुलिसकर्मी के कान के पास से गुजर गई। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली संजय के घुटने के नीचे पैर में लगी और उसे काबू कर लिया गया।
साथी नवाब भी हथियारों के साथ गिरफ्तार, पिलर डैमेज करने की थी तैयारी
इस मामले में पुलिस को दोहरी सफलता हाथ लगी है। संजय के साथ इस पूरी साजिश में शामिल रहे उसके साथी नवाब (निवासी तलहेड़ी) को भी सीआईए की टीम ने ७ जुलाई को ही धर दबोचा। पुलिस को देखकर भाग रहे नवाब की जब तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से एक 315 बोर का देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पूछताछ में नवाब ने कबूल किया है कि वह 20 जून को सचिन पर हुए जानलेवा हमले में सीधे तौर पर शामिल था। फिलहाल पुलिस इन दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे यह अवैध हथियार कहां से लेकर आए थे और इस साजिश में उनके साथ और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।
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