Panipat News: पानीपत में भीषण अग्निकांड, खिलौना फाइबर फैक्ट्री में लगी आग, जलकर खाक हुआ 70 टन माल
पानीपत के अर्जुन नगर में लगी भयंकर आग, पीड़ित मालिक ने फायर ब्रिगेड पर लगाए गंभीर आरोप
Panipat News: टेक्सटाइल सिटी पानीपत के काबड़ी रोड स्थित अर्जुन नगर इलाके में सोमवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। यहां संचालित हो रही एक खिलौना फाइबर फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई।
फाइबर की अत्यधिक ज्वलनशील प्रकृति के कारण लपटों ने कुछ ही पलों में विकराल रूप अख्तियार कर लिया और पूरी तीन मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था। इस हादसे में फैक्ट्री के भीतर लगी आधुनिक मशीनें, लाखों रुपये का कच्चा सामान और डिलीवरी के लिए तैयार रखा माल पूरी तरह जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया।
शार्ट सर्किट बना तबाही की वजह, मची अफरा-तफरी
घरौंडा के रहने वाले फैक्ट्री मालिक अरुण ने बताया कि वह पिछले 5 साल से अर्जुन नगर में खिलौनों के भीतर भरी जाने वाली फाइबर बनाने का काम कर रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे अचानक इलाके में बिजली की वोल्टेज में भारी उतार-चढ़ाव (अप-डाउन) शुरू हो गया। इसी दौरान फैक्ट्री के मुख्य बिजली पैनल में जोरदार धमाके के साथ शार्ट सर्किट हुआ और उससे निकली चिंगारी सीधे फाइबर के ढेर पर जा गिरी।
देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें खिड़कियों से बाहर निकलने लगीं, जिसे देखकर आसपास के रिहायशी इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सबसे पहले पड़ोस की एक बुजुर्ग महिला की नजर लपटों पर पड़ी, जिन्होंने शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया।
टेक्सटाइल सिटी पानीपत के काबड़ी रोड स्थित अर्जुन नगर इलाके में सोमवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। यहां संचालित हो रही एक खिलौना फाइबर फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई।
फाइबर की अत्यधिक ज्वलनशील प्रकृति के कारण लपटों ने कुछ ही पलों में विकराल रूप अख्तियार कर लिया और पूरी तीन मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था। इस हादसे में फैक्ट्री के भीतर लगी आधुनिक मशीनें, लाखों रुपये का कच्चा सामान और डिलीवरी के लिए तैयार रखा माल पूरी तरह जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया।
शार्ट सर्किट बना तबाही की वजह, मची अफरा-तफरी
घरौंडा के रहने वाले फैक्ट्री मालिक अरुण ने बताया कि वह पिछले 5 साल से अर्जुन नगर में खिलौनों के भीतर भरी जाने वाली फाइबर बनाने का काम कर रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे अचानक इलाके में बिजली की वोल्टेज में भारी उतार-चढ़ाव (अप-डाउन) शुरू हो गया।
इसी दौरान फैक्ट्री के मुख्य बिजली पैनल में जोरदार धमाके के साथ शार्ट सर्किट हुआ और उससे निकली चिंगारी सीधे फाइबर के ढेर पर जा गिरी। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें खिड़कियों से बाहर निकलने लगीं, जिसे देखकर आसपास के रिहायशी इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सबसे पहले पड़ोस की एक बुजुर्ग महिला की नजर लपटों पर पड़ी, जिन्होंने शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया।
संडे ब्लॉक के कारण फंसा था 70 टन माल, आज होनी थी सप्लाई
फैक्ट्री मालिक अरुण के मुताबिक, इस अग्निकांड ने उन्हें पूरी तरह सड़क पर ला दिया है क्योंकि रविवार की छुट्टी के चलते माल की एक बड़ी खेप फैक्ट्री में ही रुकी हुई थी। गोदाम में लगभग 50 से 60 टन कच्चा माल पड़ा था, जबकि करीब 10 टन तैयार माल पूरी तरह पैक करके रखा गया था।
इस तैयार माल को रविवार को ही गाड़ियों में लोड करके पानीपत के इंडस्ट्रियल एरिया में भेजना था, लेकिन छुट्टी के कारण डिलीवरी टाल दी गई। सोमवार सुबह जैसे ही गाड़ी माल लेने पहुंचती, उससे ठीक पहले ही किस्मत ने दगा दे दिया और करोड़ों का स्टॉक खाक हो गया।
दमकल विभाग पर भड़के पीड़ित, देरी से पहुंचने का लगाया आरोप
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और फैक्ट्री मालिक ने दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित अरुण का सीधा आरोप है कि पड़ोसी महिला द्वारा तुरंत सूचना दिए जाने के बावजूद फायर ब्रिगेड की शुरुआती दो गाड़ियां मौके पर काफी देरी से पहुंचीं।
उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि काबड़ी रोड की दूरी फायर स्टेशन से ज्यादा नहीं है, फिर भी गाड़ियों को आने में वक्त लगा। अगर दमकल कर्मी समय रहते मोर्चा संभाल लेते, तो आग को शुरुआत में ही रोका जा सकता था और इस भारी वित्तीय नुकसान से बचा जा सकता था।
फैक्ट्री मालिक अरुण के मुताबिक, इस अग्निकांड ने उन्हें पूरी तरह सड़क पर ला दिया है क्योंकि रविवार की छुट्टी के चलते माल की एक बड़ी खेप फैक्ट्री में ही रुकी हुई थी। गोदाम में लगभग 50 से 60 टन कच्चा माल पड़ा था, जबकि करीब 10 टन तैयार माल पूरी तरह पैक करके रखा गया था। इस तैयार माल को रविवार को ही गाड़ियों में लोड करके पानीपत के इंडस्ट्रियल एरिया में भेजना था, लेकिन छुट्टी के कारण डिलीवरी टाल दी गई। सोमवार सुबह जैसे ही गाड़ी माल लेने पहुंचती, उससे ठीक पहले ही किस्मत ने दगा दे दिया और करोड़ों का स्टॉक खाक हो गया।
दमकल विभाग पर भड़के पीड़ित, देरी से पहुंचने का लगाया आरोप
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और फैक्ट्री मालिक ने दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित अरुण का सीधा आरोप है कि पड़ोसी महिला द्वारा तुरंत सूचना दिए जाने के बावजूद फायर ब्रिगेड की शुरुआती दो गाड़ियां मौके पर काफी देरी से पहुंचीं।
उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि काबड़ी रोड की दूरी फायर स्टेशन से ज्यादा नहीं है, फिर भी गाड़ियों को आने में वक्त लगा। अगर दमकल कर्मी समय रहते मोर्चा संभाल लेते, तो आग को शुरुआत में ही रोका जा सकता था और इस भारी वित्तीय नुकसान से बचा जा सकता था।
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