July 9, 2026

Mrs Bihar 2026: 100 प्रतिभागियों को हराकर मिसेज बिहार बनीं सोनी गुप्ता, 3 बच्चों की मां ने जीता दिल

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Mrs Bihar 2026: 100 प्रतिभागियों को हराकर मिसेज बिहार बनीं सोनी गुप्ता, 3 बच्चों की मां ने जीता दिल

शुरुआत में पति ने किया था मना, फिर 100 प्रतिभागियों को हराकर मिसेज बिहार बनीं सोनी गुप्ता

Mrs Bihar 2026: शादी के 17 साल, तीन बच्चों की परवरिश, घर-गृहस्थी का जिम्मा और साथ में कामकाजी महिला के तौर पर स्कूल के संचालन का दबाव… इन तमाम जिम्मेदारियों के बीच अक्सर महिलाएं अपने सपनों को एक कोने में समेट देती हैं। लेकिन मुजफ्फरपुर की बहू सोनी गुप्ता ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो उम्र और जिम्मेदारियां कभी रुकावट नहीं बन सकतीं।

राजधानी पटना के पनाश कौटिल्य होटल में आयोजित ‘मिसेज बिहार 2026’ के ग्रैंड फिनाले में सोनी गुप्ता ने अपनी अदाओं, समझदारी और बेहतरीन व्यक्तित्व के दम पर राज्य का सबसे प्रतिष्ठित ताज अपने नाम कर लिया है। उनकी इस कामयाबी से न सिर्फ मुजफ्फरपुर बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन हुआ है।

मिसेज वर्ल्ड ने पहनाया ताज, उपविजेताओं में भी रही कड़ी टक्कर

शांति निकेतन स्कूल की डायरेक्टर सोनी गुप्ता के लिए इस मुकाम तक पहुंचना इतना आसान नहीं था। इस प्रांतीय प्रतियोगिता के अंतिम दौर में बिहार के अलग-अलग कोनों से आईं लगभग 100 शादीशुदा और आत्मनिर्भर महिलाओं ने दावेदारी पेश की थी। रैंप वॉक से लेकर सवाल-जवाब के मुश्किल दौर तक, हर मोर्चे पर सबको पीछे छोड़ते हुए सोनी ने विनर की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

इस मुकाबले में नेहा डे को प्रथम रनर-अप और ज्योति पाठक को द्वितीय रनर-अप चुना गया। जीत के उस ऐतिहासिक पल में मिसेज वर्ल्ड सरगम कौशल ने खुद मंच पर मौजूद रहकर सोनी गुप्ता को चमचमाता हुआ क्राउन पहनाया। विजेता को ट्रॉफी के साथ-साथ आइसब्रेकर ओसियन विज़न प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रवीण सिन्हा की तरफ से 50 हजार रुपये की सम्मान राशि का चेक सौंपा गया।

15 दिनों की कड़ी ग्रूमिंग और पहली बार रैंप पर उतरीं सोनी

यह बात बेहद हैरान करने वाली है कि सोनी गुप्ता ने इससे पहले कभी किसी फैशन शो या ब्यूटी पेजेंट के मंच पर कदम तक नहीं रखा था। रोजमर्रा के व्यस्त शेड्यूल, बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने प्रतियोगिता के लिए समय निकाला और 15 दिनों के बेहद कठिन ग्रूमिंग सेशन का हिस्सा बनीं।

इस सीमित समय में उन्होंने अपनी मंचीय प्रस्तुति, चलने के तौर-तरीकों (रैंप वॉक) और बातचीत की शैली (कम्युनिकेशन स्किल्स) को निखारने के लिए दिन-रात एक कर दिया। उनकी इसी एकाग्रता और लगन का नतीजा आज सबके सामने जीत के रूप में है।

शुरुआत में डॉक्टर पति ने किया था इनकार, फिर खुद बने ढाल

सफलता के इस शिखर पर खड़ी सोनी अपनी इस यात्रा में आए शुरुआती उतार-चढ़ाव को साझा करना नहीं भूलतीं। उन्होंने बताया कि जब उन्हें इस प्रतियोगिता का पता चला, तो उन्होंने अपने डॉक्टर पति के सामने इसमें जाने की इच्छा जताई थी। शुरुआत में उनके पति इस चकाचौंध वाली दुनिया और फैसले के सख्त खिलाफ थे और उन्होंने सीधे मना कर दिया था।

लेकिन सोनी ने हार नहीं मानी; उन्होंने पति को इस मंच की गरिमा और अपने अधूरे सपनों की अहमियत के बारे में समझाया। आखिरकार पति का दिल पिघला और वह न सिर्फ माने, बल्कि पूरे सफर में सबसे मजबूत ढाल बनकर सोनी के साथ खड़े रहे।

अब इंटरनेशनल स्टेज और बॉलीवुड-हॉलीवुड पर नजर

अपनी इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय सोनी समाज की उन आम महिलाओं को देती हैं, जो शादी के बाद अपने हुनर को दबा देती हैं। भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए मिसेज बिहार ने साफ किया कि यह तो बस शुरुआत है।

उनका अगला पड़ाव राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर जाकर वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है। इसके साथ ही वह आने वाले समय में फिल्मों और विज्ञापनों में भी अपनी किस्मत आजमाने की इच्छा रखती हैं। सोनी गुप्ता की इस सफलता के बाद मुजफ्फरपुर में उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

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