Yamunanagar News: यमुनानगर में सेनेटरी इंस्पेक्टर और पवन सैनी के बीच हुई तू-तू, मैं-मैं का सच
'ज्यादा हीरो मत बन, तू डीसी है क्या', सरेआम सरकारी अधिकारी पर भड़के नेताजी
Yamunanagar News: सरकारी काम में सियासी दखल और अधिकारियों पर धौंस जमाने का एक ताजा और बेहद दिलचस्प मामला यमुनानगर जिले के सढौरा कस्बे से सामने आया है। यहां शनिवार को नगर पालिका की टीम जब बिजली निगम कार्यालय के पास मुख्य सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची, तो कार्रवाई के बीच में ही सियासत आड़े आ गई। अतिक्रमण हटाने का नेतृत्व कर रहे नपा के सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार और भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष पवन सैनी के बीच सरेबाजार जबरदस्त नोकझोंक हो गई। दोनों के बीच हुई इस तीखी बहस का 1 मिनट 16 सेकेंड का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि नेताजी किस तरह तैश में आकर ड्यूटी पर तैनात अधिकारी को औकात दिखाने की कोशिश कर रहे हैं और कह रहे हैं कि ‘ज्यादा डीसी बनने की जरूरत नहीं है।’
कंधे पर हाथ रखने से भड़का विवाद, दी सामान उठाने की चुनौती
चश्मदीदों के मुताबिक, नगर पालिका की टीम सड़क किनारे अवैध रूप से तंबू-रेहड़ी गाड़कर बैठे लोगों का सामान जब्त कर रही थी। तभी सफेद कुर्ता-पायजामा और काला चश्मा चढ़ाए भाजपा के पूर्व नेता पवन सैनी वहां पहुंच गए। वीडियो में दिख रहा है कि सेनेटरी इंस्पेक्टर जब एक महिला से अतिक्रमण हटाने को लेकर बात कर रहे थे, तभी पवन सैनी ने बीच में आकर कहा कि किसी गरीब का सामान ऐसे नहीं उठाया जा सकता। हद तो तब हो गई जब नेताजी ने नपा इंस्पेक्टर के कंधे पर हाथ रख दिया और लिखित आदेश दिखाने की मांग करने लगे। अधिकारी ने तुरंत इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, “आप मुझे हाथ कैसे लगा रहे हैं?” बस इसी बात पर नेताजी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने चिल्लाते हुए कहा, “तू ज्यादा हीरो बन रहा है क्या? यहां फालतू में डीसी मत बन, चला जा यहां से।” इसके बाद उन्होंने टीम को ललकारते हुए कहा, “हिम्मत है तो यहां से सामान उठाकर दिखा।”
अधिकारी का दो टूक जवाब- ‘फालतू बकवास न करें, अपना काम देखिए’
भाजपा नेता के इस आक्रामक तेवर के बावजूद सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार पीछे नहीं हटे और उन्होंने कर्मचारियों को तुरंत सामान लोड करने के निर्देश दे दिए। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी दोनों को शांत कराने और बीच-बचाव करने की मशक्कत करते रहे। वीडियो में भाजपा नेता बार-बार यह पूछते दिखे कि अतिक्रमण की शिकायत किसने की है, जिसका नाम बताया जाए। इस पर अधिकारी ने दो टूक लहजे में कहा, “आपको इससे क्या लेना-देना? आप अपने काम से काम रखिए, मेरे साथ फालतू की बकवास करने की जरूरत नहीं है।” काफी देर तक चले इस ड्रामे के बाद आखिरकार नगर पालिका की टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए सड़क को खाली कराया।
‘सिर्फ गरीबों पर चलता है डंडा’- पूर्व भाजपा नेता ने दी सफाई
मामला बढ़ता देख पूर्व बूथ मंडल अध्यक्ष पवन सैनी ने भी मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने दलील दी कि सढौरा में हर शनिवार को साप्ताहिक मंडी लगती है, जहां गरीब लोग एक दिन के लिए सड़क किनारे दुकान लगाते हैं। उनके पास एक महिला रोती हुई आई थी, जिसके बाद वे केवल मानवीय आधार पर बीच-बचाव करने और अधिकारी को समझाने गए थे कि गरीबों का सामान जब्त न किया जाए। उनका आरोप है कि अधिकारी ही पहले तैश में आया, जिसके बाद गुस्से में उन्होंने ‘तू डीसी है क्या’ जैसी बातें कह दीं। उन्होंने नगर पालिका पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे शहर में बड़े-बड़े रसूखदारों ने अतिक्रमण कर रखा है, लेकिन अधिकारी सिर्फ गरीबों पर अपना डंडा चला रहे हैं। बहरहाल, वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग गरीबों के हक में खड़े नेता की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं अधिकांश यूजर्स का कहना है कि ऑन-ड्यूटी सरकारी कर्मचारी को इस तरह धमकाना और कानून हाथ में लेना सरासर गलत है।
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