Yamunanagar news: एक्शन में सीटीएम पीयूष गुप्ता, जलभराव रोकने के लिए जगाधरी के नालों पर बने अवैध स्लैब तोड़ने के आदेश
जलभराव रोकने के लिए जगाधरी के नालों पर बने अवैध स्लैब तोड़ने के आदेश
Yamunanagar news: मानसून की आहट के साथ ही जुड़वां शहरों (यमुनानगर-जगाधरी) को जलभराव की पुरानी और नारकीय समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए स्थानीय प्रशासन इस बार पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहा है। नगर निगम की ओर से दावों और वादों से आगे बढ़कर अब जमीनी स्तर पर युद्धस्तर पर नालों की सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। इसी सिलसिले की हकीकत परखने के लिए मंगलवार को नगराधीश (सीटीएम) पीयूष गुप्ता खुद सड़कों पर उतरे। उन्होंने जगाधरी के तमाम जलभराव की आशंका वाले और संवेदनशील इलाकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साफ लफ्जों में अधिकारियों को हिदायत दी कि बारिश के दिनों में जनता को होने वाली परेशानी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बूड़िया गेट से सेक्टर-17 तक मैराथन दौरा, अधिकारियों को लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान सीटीएम पीयूष गुप्ता के साथ निगम का पूरा अमला मौजूद रहा, जिसमें मुख्य सफाई निरीक्षक हरजीत सिंह, कनिष्ठ अभियंता (जेई) गगन संधू और स्थानीय पार्षद भानू प्रताप सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों की इस टीम ने जगाधरी के बूड़िया गेट पुलिस चौकी से अपनी पड़ताल शुरू की, जिसके बाद तेजली गेट, ढोल वाली पुलिया, अशोक विहार, रामलीला भवन और सेक्टर-17 के मुख्य नाले तक का सघन दौरा किया गया। कई जगहों पर नालों में जमी गाद और सिल्ट को देखकर नगराधीश ने नाराजगी जताई और ड्रेनेज की गति तेज करने के निर्देश दिए।
नगराधीश ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को दो टूक कहा कि पानी के स्वाभाविक बहाव में आने वाला कोई भी रोड़ा अब टिकना नहीं चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए, “जिन लोगों ने नालों के ऊपर पक्के अवैध कब्जे कर रखे हैं या अपनी सहूलियत के लिए ऐसे स्लैब डाल दिए हैं जिससे नाले की सफाई और पानी का बहाव बाधित हो रहा है, उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत प्रभाव से ध्वस्त कर दिया जाए।” उन्होंने चेताया कि ड्रेनेज के कामों में किसी भी स्तर पर की गई सुस्ती या लापरवाही का नतीजा संबंधित अधिकारी को सस्पेंशन या विभागीय कार्रवाई के रूप में भुगतना पड़ेगा। सभी फील्ड स्टाफ को नियमित रूप से हॉटस्पॉट्स की निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं।
“प्रशासन तैयार, लेकिन जनता का साथ भी जरूरी” — नागरिकों से सीधा संवाद
दौरे के दौरान सीटीएम पीयूष गुप्ता ने केवल सरकारी फाइलों या दावों पर भरोसा नहीं किया, बल्कि उन्होंने प्रभावित इलाकों के स्थानीय बाशिंदों से भी सीधा संवाद स्थापित किया। लोगों की शिकायतें सुनने के बाद उन्होंने नागरिकों से एक जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपील की। सीटीएम ने कहा कि नगर निगम नालों को पूरी तरह साफ करने के लिए अपनी मशीनरी और मैनपावर झोंक रहा है, लेकिन जब तक आम जनता जागरूक नहीं होगी, यह समस्या जड़ से खत्म नहीं हो सकती।
उन्होंने वासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि नालों को डस्टबिन न समझें; इनमें पॉलिथीन, प्लास्टिक की खाली बोतलें और अन्य ठोस अपशिष्ट (कचरा) फेंकने से बचें। अक्सर देखा गया है कि यही प्लास्टिक आंतों की तरह नालों को चोक कर देता है, जिसके कारण महज चंद मिनटों की बारिश का पानी भी लोगों के घरों और दुकानों में दाखिल हो जाता है।
यह भी पढ़ें–‘ज्यादा हीरो मत बन, तू डीसी है क्या’, सरेआम सरकारी अधिकारी पर भड़के नेताजी
