Punjab Assembly: पंजाब विधानसभा में फार्मेसी पेपर लीक पर हंगामा, बाजवा ने पूछा- इस्तीफा शिक्षा मंत्री देंगे या स्वास्थ्य मंत्री?
पंजाब विधानसभा में फार्मेसी पेपर लीक पर हंगामा
Punjab Assembly: चंडीगढ़ स्थित पंजाब विधानसभा में सोमवार को शुरू हुए मानसून सत्र के पहले दिन फार्मेसी पेपर लीक का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। विपक्ष ने सरकार को परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मामलों को लेकर घेरा, जबकि सत्ता पक्ष ने आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस पर ही सवाल खड़े कर दिए। हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन का माहौल काफी देर तक गर्म रहा।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को निशाने पर लेते हुए कहा कि हाल ही में NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में वह भी शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान छह बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिनमें पांच मामले शिक्षा विभाग और एक मामला स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा बताया गया है। बाजवा ने सवाल किया कि इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री इस्तीफा देंगे या स्वास्थ्य मंत्री।
स्पीकर बोले- चर्चा के लिए पूरे सात दिन उपलब्ध
विपक्ष के सवालों के बीच विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि इस विषय पर चर्चा के लिए पूरे सात दिन का समय निर्धारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार ही चलेगी और सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। इस दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वह पूरी तैयारी के साथ सदन में आए हैं और विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे से पीछे हटने वाली नहीं है।
नारेबाजी के बीच कांग्रेस का वॉकआउट
बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते सदन में शोर-शराबा और नारेबाजी होने लगी। स्थिति ऐसी बनी कि कांग्रेस के विधायक विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर बाहर चले गए। इसी दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “आज पंजाब में कांग्रेस ही लीक हो चुकी है। हमारी सरकार अच्छा काम कर रही है।” उनके इस बयान के बाद सदन में फिर से नारेबाजी शुरू हो गई। इसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी।
हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष को बताया जवाब से बचने वाला
सदन की कार्यवाही आगे बढ़ने पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब सवाल पूछने की बारी आती है तो विपक्ष मुखर रहता है, लेकिन जवाब सुनने का समय आता है तो सदन छोड़कर चला जाता है। बैंस ने कहा कि वह हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तैयारी के साथ सदन में मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से बचने की कोशिश कर रहा है।
धालीवाल ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी कांग्रेस के वॉकआउट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष सदन से बाहर चला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बिना पूरी बहस सुने ही सदन छोड़ने की पुरानी परंपरा दोहरा रहा है।
धालीवाल ने यह भी कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर केवल एक मामले को लेकर राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है और सरकार तथ्यों के साथ अपना पक्ष सदन में रखेगी।
खालड़ा मामले पर भी हुई राजनीतिक बहस
सत्र के दौरान विधायक मनप्रीत अयाली ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा और फिल्म “सतलुज” का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि फिल्म पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगाया था, जबकि इसमें पंजाब के उस दौर की घटनाओं को दिखाया गया है। अयाली ने आरोप लगाया कि उस समय कई लोगों पर अत्याचार हुए और जसवंत सिंह खालड़ा लापता लोगों का रिकॉर्ड जुटाने के दौरान स्वयं भी शिकार बने।
उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की भूमिका पर सवाल उठते हैं। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों की स्थिति को लेकर भी प्रश्न उठाए।
इस पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जवाब देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि शिरोमणि अकाली दल भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल इस संवेदनशील विषय का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए कर रहे हैं।
