Punjab Congress Protest: चंडीगढ़ में मंगलवार, 15 सितंबर को संगरूर के गुलजार सुसाइड केस को लेकर पंजाब कांग्रेस के रोष मार्च के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हो गया। कांग्रेस ने सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन से वित्त मंत्री हरपाल चीमा के आवास की तरफ मार्च शुरू किया था, लेकिन रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाई। मार्च की अगुआई कर रहे पंजाब कांग्रेस प्रभारी और राजस्थान के पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
एक घंटे बाद सचिन पायलट समेत सभी नेता रिहा
हिरासत के दौरान प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस जवानों को चोटें आने की जानकारी है। करीब एक घंटे बाद, दोपहर लगभग 3 बजे सचिन पायलट समेत हिरासत में लिए गए सभी कांग्रेस नेताओं को छोड़ दिया गया। इसके बाद प्रदर्शन का घटनाक्रम आगे बढ़ा और कांग्रेस नेताओं ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा।
पायलट बोले- पंजाब की लड़ाई में आगे रहूंगा
हिरासत में लिए जाने से पहले सचिन पायलट ने मंच से पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में ‘चिट्टे’ की होम डिलीवरी हो रही है। पायलट ने गुलजार की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि एक गरीब दलित ने जान दी और मंत्री का नाम लेकर मरा।
पायलट ने कहा कि पंजाब की लड़ाई में वह आगे रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पहली लाठी वह खाएंगे और उसके बाद कार्यकर्ताओं की बारी आएगी। गुलजार मामले का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी जान देते समय किसी मंत्री का नाम लेता है तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हरपाल चीमा से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन मामले की जांच जरूरी है।
तीन महीने बाद चन्नी और वड़िंग एक मंच पर
प्रदर्शन के दौरान पंजाब कांग्रेस के भीतर की सियासत से जुड़ा एक अहम दृश्य भी देखने को मिला। करीब तीन महीने बाद पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी तथा पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक ही मंच पर दिखाई दिए। सचिन पायलट के एक तरफ चन्नी और दूसरी तरफ राजा वड़िंग बैठे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत भी हुई। मंच से चन्नी का नाम लिए जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए। हालांकि, चन्नी ने अपने भाषण के दौरान राजा वड़िंग का नाम नहीं लिया।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मंच से कहा कि सभी कांग्रेसी एक साथ जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिना किसी एक चेहरे के चुनाव लड़ेगी। बाजवा के मुताबिक, कांग्रेस राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सचिन पायलट के नाम पर वोट मांगेगी। उन्होंने कहा कि बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला हाईकमान करेगा।
वड़िंग के माइक संभालते ही NSUI कार्यकर्ताओं ने उठाए झंडे
राजा वड़िंग के माइक संभालते ही NSUI कार्यकर्ताओं ने झंडे लहराने शुरू कर दिए। वड़िंग लगातार उन्हें बैठने के लिए कहते रहे, लेकिन कार्यकर्ता झंडे लहराते रहे। वड़िंग ने अपने संबोधन में सचिन पायलट, प्रताप सिंह बाजवा और चरणजीत सिंह चन्नी का नाम लिया। उन्होंने सुखजिंदर सिंह रंधावा का भी उल्लेख किया। वड़िंग ने चन्नी को संबोधित करते हुए कहा कि वह उनके सम्मानित नेता हैं। वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी चुनौती दी और कहा कि वह मंच पर आकर उन्हें घेरेंगे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने गुलजार मामले में न्याय की मांग दोहराई और पंजाब सरकार को घेरा।

