September 13, 2026

Punjab power crisis central pool : पंजाब को केंद्रीय पूल से 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही, मंत्री सौंद ने की पूरी बिजली देने की मांग

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Punjab power crisis central pool : पंजाब को केंद्रीय पूल से 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही

पंजाब को केंद्रीय पूल से 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही

Punjab power crisis central pool : पंजाब में बिजली की आपूर्ति को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। राज्य के बिजली एवं लोक निर्माण मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्थिति साफ करते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब को उसके कोटे से काफी कम बिजली दी जा रही है। मौजूदा समय में केंद्रीय विद्युत पूल से पंजाब को अपने तय हिस्से की तुलना में 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है।

मंत्री सौंद ने जोर देकर कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां किसानों की फसलों की सिंचाई और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सबसे बड़ी जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने केंद्रीय बिजली मंत्री को पत्र लिखकर पंजाब का पूरा हक तुरंत जारी करने की पुरजोर मांग की है। इस मौके पर उनके साथ पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के सीएमडी डॉ. बसंत गर्ग और डायरेक्टर (उत्पादन) इंजीनियर पुनरदीप सिंह बराड़ भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

कोयले की कमी की अफवाहों को किया खारिज

राज्य में बिजली संकट की चर्चाओं और कोयले की कमी की खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए बिजली मंत्री ने साफ किया कि सरकार के अपने थर्मल पावर प्लांटों में कोयले का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के कड़े प्रयासों के चलते पछवाड़ा कोयला खदान को सफलतापूर्वक चालू कर लिया गया है, जिससे सरकारी संयंत्रों के लिए कोयले का संकट पूरी तरह टल चुका है।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि असली दिक्कत निजी थर्मल पावर प्लांटों के स्तर पर आ रही है। तलवंडी साबो और राजपुरा स्थित दोनों निजी थर्मल प्लांटों को कोयले की आपूर्ति सुचारू रूप से करने की जिम्मेदारी कोल इंडिया की है, और वहीं से सप्लाई प्रभावित होने के कारण कुछ समस्याएं पैदा हुई हैं।

तकनीकी खराबी दूर करने और सुधार के प्रयास जारी

पंजाब में बिजली उत्पादन इकाइयों की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य में कुल 10 थर्मल यूनिट हैं। इनमें लहरा मोहब्बत और रोपड़ में चार-चार यूनिट सरकारी नियंत्रण में हैं, जबकि गोइंदवाल साहिब और दो अन्य निजी कंपनियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।

पीएसपीसीएल के अधिकारियों ने हाल ही में तकनीकी खराबी के कारण बंद हुए एक यूनिट को सफलतापूर्वक ठीक कर लिया है। सरकार और बिजली निगम के अधिकारी हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए हैं ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। निजी संयंत्रों के ठप पड़े यूनिटों को भी जल्द से जल्द चालू करवाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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