Punjab Weather: पंजाब और चंडीगढ़ में 4 नवंबर को मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग ने 9 नवंबर तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है। दिवाली पर भी आसमान साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, मौसम में दिन और रात के तापमान का अंतर बढ़ने लगा है। दिन में तेज धूप के कारण हल्की गर्मी महसूस हो रही है, जबकि सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद तापमान सामान्य के करीब बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक 32.8 डिग्री सेल्सियस तापमान फरीदकोट में रिकॉर्ड किया गया। फिलहाल मौसम विभाग ने कड़ाके की ठंड पड़ने के संकेत नहीं दिए हैं।
पंजाब और चंडीगढ़ में नवंबर की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज बदलने लगा है। दिन के समय धूप निकलने से लोगों को अभी गर्मी का अहसास हो रहा है, लेकिन सुबह घरों से निकलने और रात के समय बाहर रहने पर ठंड महसूस होने लगी है। 3 नवंबर को चंडीगढ़ का न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मोहाली में यह 16.8 डिग्री, अमृतसर में 14.9 डिग्री, लुधियाना में 15 डिग्री और पटियाला में 15.4 डिग्री रहा। वहीं, फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य के कई हिस्सों में रात का तापमान नीचे आने लगा है। हालांकि, अभी ठंड इतनी तेज नहीं है कि लोगों को दिन के समय भी गर्म कपड़ों की जरूरत पड़े। मौसम में यह बदलाव आने वाले दिनों में और महसूस हो सकता है।
10 नवंबर के आसपास सक्रिय हो सकता है पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। इसके बाद दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 10 नवंबर के आसपास सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से पंजाब समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना बन रही है। हालांकि, पंजाब और चंडीगढ़ में इस सिस्टम का कितना असर पड़ेगा और किन जिलों में बारिश हो सकती है, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। आगामी मौसम पूर्वानुमान में इसकी तस्वीर साफ हो सकती है। फिलहाल 9 नवंबर तक राज्य में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर पहाड़ी इलाकों के मौसम में बदलाव का असर मैदानी क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में पंजाब के लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम के अपडेट पर नजर रखनी होगी।
अगले दो से चार दिनों तक पंजाब और चंडीगढ़ में पहाड़ी क्षेत्रों की ओर से ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। दिवाली तक इन हवाओं की रफ्तार बनी रह सकती है। इसके बाद हवा की गति धीमी पड़ने और समुद्र की ओर से आने वाली पूर्वी हवाओं का प्रभाव बढ़ने का अनुमान है। हवा की रफ्तार कम होना प्रदूषण के लिहाज से चिंता बढ़ा सकता है। तेज हवाएं वातावरण में मौजूद प्रदूषण के कणों को फैलाने और हटाने में मदद करती हैं, जबकि हवा धीमी पड़ने पर धूल और धुएं के कण एक जगह जमा होने लगते हैं। दिवाली के आसपास पटाखों से निकलने वाला धुआं भी इस समस्या को बढ़ा सकता है। इसका असर खासतौर पर उन शहरों में ज्यादा महसूस हो सकता है, जहां पहले से वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है। सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को ऐसे दिनों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
खन्ना में AQI 262, पटियाला की हवा भी खराब
पंजाब के कई शहरों में सुबह के समय वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, खन्ना में सबसे अधिक 262 AQI रिकॉर्ड किया गया। यह खराब श्रेणी में आता है। पटियाला में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 208 दर्ज हुआ, जिससे यहां की हवा भी खराब श्रेणी में रही। अन्य शहरों की बात करें तो अमृतसर में AQI 117, जालंधर में 172, लुधियाना में 141 और मंडी गोबिंदगढ़ में 151 दर्ज किया गया। इन चारों शहरों में हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रही। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर बदल सकता है।
चंडीगढ़ में फिलहाल पंजाब के कई शहरों के मुकाबले हवा की स्थिति बेहतर दर्ज की गई। सेक्टर-22 में AQI 63 और सेक्टर-25 में 78 रहा। दोनों स्थानों पर वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई। मौसम साफ रहने के बावजूद प्रदूषण की स्थिति लोगों की चिंता बढ़ा सकती है। खासकर दिवाली के दौरान यदि हवा की रफ्तार कम रहती है तो प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में मौसम के साथ-साथ लोगों को अपने शहर की वायु गुणवत्ता पर भी नजर रखनी होगी।


