August 10, 2026

Punjab Weather Update: पंजाब में मानसून की फिर बढ़ेगी रफ्तार, होशियारपुर-पठानकोट-रूपनगर में यलो अलर्ट

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Punjab Weather Update: पंजाब में मानसून की फिर बढ़ेगी रफ्तार, होशियारपुर-पठानकोट-रूपनगर में यलो अलर्ट

पंजाब में मानसून की फिर बढ़ेगी रफ्तार

Punjab Weather Update: पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। 10 अगस्त से पंजाब के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश से सटे होशियारपुर, पठानकोट और रूपनगर जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चंडीगढ़ में दिनभर आंशिक बादल छाए रहने और एक-दो बार गरज के साथ बौछार पड़ने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 9 अगस्त के बुलेटिन में पंजाब में औसत अधिकतम तापमान में 3.2°C की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी और यह सामान्य के करीब रहा।

 

तीन जिलों में बारिश का यलो अलर्ट

पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। इन जिलों की भौगोलिक स्थिति हिमाचल की पहाड़ियों से जुड़ी है, इसलिए मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने पर यहां बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
चंडीगढ़ में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने के आसार नहीं हैं। IMD के ट्राइसिटी पूर्वानुमान के मुताबिक 10 अगस्त को चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश हो सकती है और अधिकतम तापमान करीब 33°C रहने का अनुमान है।

 

बारिश थमते ही 3.2 डिग्री बढ़ा तापमान

रविवार को बारिश की गतिविधि कम रहने से पंजाब में गर्मी और उमस बढ़ी। मौसम विभाग के अनुसार औसत अधिकतम तापमान में एक दिन में 3.2°C की बढ़ोतरी हुई, हालांकि राज्य में तापमान अभी सामान्य के करीब है। श्री आनंदपुर साहिब में सबसे अधिक 36°C तापमान दर्ज किया गया।
अलग-अलग स्टेशनों पर भी गर्मी का असर दिखा। IMD के आंकड़ों के मुताबिक पठानकोट में अधिकतम तापमान 35.5°C, रूपनगर के रोपड़ कृषि विज्ञान केंद्र में 35.1°C और होशियारपुर में 33.6°C दर्ज हुआ।

 

मौसम प्रणालियों से बढ़ सकती है बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक गंगीय पश्चिम बंगाल में बना निम्न दबाव का क्षेत्र झारखंड की ओर पहुंच चुका है और धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ रहा है। इसके अलावा जयपुर के उत्तर में भी एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
इन दोनों मौसम प्रणालियों के बीच बनी ट्रफ लाइन दिल्ली से खिसककर राजस्थान की ओर बढ़ी है। पश्चिमी तट पर तेज सोमाली जेट स्ट्रीम का प्रभाव भी बना हुआ है, जिसके चलते गोवा से केरल तक भारी बारिश की संभावना है। इन मौसमी परिस्थितियों का असर उत्तर-पश्चिम भारत में भी बारिश की गतिविधियों के रूप में दिखाई दे सकता है।

 

पंजाब में बारिश का असमान वितरण

मानसून की सक्रियता के बावजूद पंजाब के सभी जिलों में बारिश एक जैसी नहीं हुई है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश की कमी बनी हुई है, जिससे खेती और जल उपलब्धता पर मौसम का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग दिखाई दे रहा है।
ऐसे में अगले कुछ दिनों की बारिश किसानों के लिए खास मायने रखती है। जिन इलाकों में अभी तक कम बारिश हुई है, वहां मानसून की सक्रियता से मिट्टी में नमी बढ़ सकती है और सिंचाई की जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है।

 

गर्मी बढ़ी तो बिजली की मांग भी चढ़ी

बारिश रुकने के बाद तापमान और उमस बढ़ने का सीधा असर बिजली की खपत पर पड़ा। रविवार रात पंजाब में बिजली की मांग 13,243 मेगावाट तक पहुंच गई।
राज्य की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता से 4,934 मेगावाट बिजली पैदा हुई, जबकि ग्रिड से 8,307 मेगावाट बिजली ली गई। निर्धारित शेड्यूल 7,987 मेगावाट था, लेकिन मांग पूरी करने के लिए ग्रिड से 320 मेगावाट अतिरिक्त बिजली लेनी पड़ी। इस दौरान ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 50.05 हर्ट्ज रही।
आम लोगों के लिए इसका सीधा मतलब है कि बारिश में थोड़ी राहत मिलने के बावजूद उमस और तापमान बढ़ने पर कूलर, पंखे और एसी का इस्तेमाल बढ़ सकता है। इससे बिजली की मांग फिर ऊंचे स्तर पर बनी रहने की संभावना है।

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