August 10, 2026

Haryana controversy: ‘लड़की छोटे कपड़े पहनती है…’ जींद की खाप पंचायत में बयान पर बवाल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

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Haryana controversy: ‘लड़की छोटे कपड़े पहनती है...’ जींद की खाप पंचायत में बयान पर बवाल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

‘लड़की छोटे कपड़े पहनती है...’ जींद की खाप पंचायत में बयान पर बवाल

Haryana controversy: हरियाणा के जींद जिले में लड़कियों के पहनावे, मोबाइल फोन और बाइक पर बैठने को लेकर खाप पंचायत में दिए गए बयान सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गए हैं। 1 अगस्त को जींद के रामराय गांव में हुई नौगामा खाप पंचायत में सदस्य वीरेंद्र ढुल ने कहा कि लड़कियां छोटे कपड़े पहनती हैं और पिता के पीछे बाइक पर दोनों तरफ पैर करके बैठती हैं, लेकिन पिता उन्हें इस तरह बैठने से रोक नहीं पाता। इसी पंचायत में एक ही गांव के युवक-युवती के लव मैरिज करने पर गांव में एंट्री बैन रखने का फैसला भी लिया गया था।
वीरेंद्र ढुल के बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लड़कियों को लेकर ऐसी सोच की आलोचना शुरू हो गई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि पंचायतों में लड़कियों के कपड़े, मोबाइल और उनके आने-जाने के तरीके पर पाबंदियों की चर्चा करने के बजाय उनकी शिक्षा, सुरक्षा और बराबरी के मुद्दों पर बात क्यों नहीं होती।

 

खाप सदस्य वीरेंद्र ढुल ने क्या कहा

पंचायत में वीरेंद्र ढुल ने लड़कियों के पहनावे और बाइक पर बैठने को लेकर कहा, “छोटे कपड़े लड़की पहनती है और पिता के पीछे बाइक पर दोनों तरफ टांग करके बैठती है। पिता यह नहीं कह पाता कि बेटी, तू ऐसे कैसे बैठी है।”

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मामलों में सामाजिक स्तर पर कई चीजों को लेकर रोक-टोक की बात सामने आती है। बयान में लड़कियों को फोन देने और डीजे पर डांस करने को लेकर भी आपत्ति जताई गई।

पंचायत में मौजूद लोगों के सामने दिए गए इन बयानों का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने पूछा कि लड़कियों के कपड़े और मोबाइल फोन को लेकर फैसले करने के बजाय पंचायतों को उनकी सुरक्षा और शिक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

 

लव मैरिज को लेकर भी पंचायत का फैसला

रामराय गांव में हुई नौगामा खाप पंचायत में एक ही गांव के युवक और युवती के लव मैरिज करने को लेकर भी फैसला लिया गया। पंचायत में तय किया गया कि यदि एक ही गांव का युवक-युवती प्रेम विवाह करते हैं तो दोनों की गांव में एंट्री बैन रहेगी।

इस फैसले और लड़कियों को लेकर दिए गए बयानों ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। विवाद का एक बड़ा हिस्सा इस बात को लेकर है कि सामाजिक पंचायतें युवाओं, खासकर लड़कियों के निजी फैसलों और रोजमर्रा की जिंदगी को लेकर किस हद तक नियम तय कर सकती हैं।

 

वीरेंद्र ढुल बोले- पंचायत में व्यक्तिगत राय रखी थी

विवाद बढ़ने के बाद वीरेंद्र ढुल से बातचीत की गई। उन्होंने कहा, “मैंने पंचायत में व्यक्तिगत तौर पर अपनी राय रखी थी। यह सबका हक है।”
वीरेंद्र ढुल जींद के जाट स्कूल में पढ़ाते हैं। उनके बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सीधे तौर पर उनकी सोच पर सवाल उठाए और लड़कियों के अधिकारों को लेकर बहस छेड़ दी।

 

राहुल फाजिलपुरिया बोले- लड़कियों की सेफ्टी और एजुकेशन पर बात हो

हरियाणवी सिंगर राहुल फाजिलपुरिया ने वीडियो जारी कर लड़कियों को लेकर होने वाली ऐसी चर्चाओं पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “लड़कियों के साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है? लड़कों के साथ क्यों नहीं हो रहा?”

उन्होंने कहा कि लड़कियों को सिखाने के बजाय उन्हें दबाया जा रहा है। राहुल फाजिलपुरिया ने कहा कि इतनी बड़ी पंचायत जुटी थी तो लड़कियों के खिलाफ अपराध और रेप के मुद्दे पर कानून बनाने, उनकी एजुकेशन और सेफ्टी पर बात होनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि लड़कियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक आज लड़कियां IAS से लेकर IPS तक बन रही हैं और उनके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

 

आदी अंतिल ने कहा- ऐसी पंचायतों में अपनी बात थोपना गलत

फनी वीडियो बनाने वाले आदी अंतिल ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लड़कियों को लेकर पंचायतों में होने वाली चर्चाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लड़कियों को लेकर पहले से कई तरह की सामाजिक धारणाएं रही हैं और अब फोन तथा बाइक जैसे मुद्दों को लेकर भी उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

आदी अंतिल ने कहा कि हो सकता है किसी पिता ने अपनी बेटी को बेटे की तरह पाला हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी पिता को बेटी का कोई व्यवहार गलत लगेगा तो वह खुद उससे बात कर सकता है, लेकिन पंचायत में अपनी बात दूसरों पर थोपना गलत है।

 

इन्फ्लुएंसर अंजलि बोलीं- हरियाणा को मिनी अफगानिस्तान बनाना चाहते हैं

इन्फ्लुएंसर अंजलि ने इन बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग हरियाणा को “मिनी अफगानिस्तान” बनाना चाहते हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते कि लड़कियों के पास फोन हो या वे डांस करें।

उनका कहना था कि लड़कियों की जिंदगी को लेकर इस तरह की पाबंदियों पर सवाल उठना चाहिए। सोशल मीडिया पर अंजलि के बयान के बाद भी लोगों ने लड़कियों की आजादी और सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

 

फोन को लेकर भी सोशल मीडिया पर सवाल

गीता ढांडा नाम की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने भी वीडियो जारी कर लड़कियों के मोबाइल फोन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर स्तर पर दबाने की कोशिश की जा रही है और जब महिलाएं अपनी बात रखने लगती हैं तो कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आता।

उन्होंने कहा कि आज स्कूलों में भी होमवर्क और पढ़ाई से जुड़ी कई चीजें फोन पर आती हैं। ऐसे में लड़कियों को फोन न देने की बात पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या अब लड़कियों का फोन भी बंद करवा दिया जाएगा।

 

ओमप्रकाश हरियाणा ने महिलाओं की भूमिका पर उठाए सवाल

इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर ओमप्रकाश हरियाणा ने भी वीडियो के जरिए इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पहले की तरह दबाकर रखने की सोच से देश की अर्थव्यवस्था आगे नहीं बढ़ सकती।

उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं और वहां महिलाएं हर तरह का काम करती हैं। उनके मुताबिक महिलाओं की भागीदारी समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए जरूरी है।

जींद की इस पंचायत से सामने आए बयानों ने एक बार फिर लड़कियों के पहनावे, मोबाइल फोन, आने-जाने की आजादी और शादी जैसे निजी फैसलों पर सामाजिक दखल को लेकर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर एक पक्ष ऐसे बयानों को सामाजिक अनुशासन से जोड़ रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इन्हें लड़कियों की स्वतंत्रता और बराबरी पर रोक लगाने वाली सोच बता रहा है।

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