Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। बुधवार को भी केवल दो जिलों को छोड़कर पूरे प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। चित्तौड़गढ़, नागौर, अलवर, जयपुर, डूंगरपुर, अजमेर, बांसवाड़ा और कई अन्य जिलों में बारिश दर्ज की गई। चित्तौड़गढ़ में लगातार हुई बारिश के कारण कई बाजारों और निचले इलाकों में पानी भर गया, जबकि नागौर और अलवर में झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 जुलाई से राज्य में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा।
चित्तौड़गढ़ के बाजारों में जलभराव, नागौर में अच्छी बारिश
मंगलवार से शुरू हुई बारिश का असर बुधवार तक देखने को मिला। चित्तौड़गढ़ शहर में कई बाजारों और निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं नागौर में झमाझम बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया। अजमेर, बूंदी, बांसवाड़ा और डूंगरपुर सहित कई जिलों में भी एक से तीन इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही वर्षा से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
अलवर और जयपुर के ग्रामीण इलाकों में सुबह से बरसात
अलवर जिले में लगातार दूसरे दिन सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। बारिश के कारण जिले के अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। जयपुर जिले के चौमूं और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुबह से बीच-बीच में बारिश होती रही। एनसीआर से जुड़े इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
डूंगरपुर में सबसे अधिक 70 मिमी बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक बारिश डूंगरपुर जिले के वेंजा में 70 मिमी रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा ओबरी में 51 मिमी, धम्बोला में 34 मिमी और देवल में 32 मिमी वर्षा दर्ज हुई। अलवर के नीमराणा में 52 मिमी बारिश हुई, जबकि प्रतापगढ़ के अरनोद में 21 मिमी, छोटी सादड़ी में 22 मिमी और सुहागपुरा में 20 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। सवाई माधोपुर, दौसा, भरतपुर, अजमेर और बांसवाड़ा में भी दो इंच तक बारिश दर्ज की गई। अन्य कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई।
पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और उमस बरकरार
बारिश के बावजूद पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में गर्मी का असर बना हुआ है। श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में 41.8 डिग्री, चूरू में 41 डिग्री, जैसलमेर में 40.6 डिग्री, फलोदी में 40.2 डिग्री, हनुमानगढ़ में 39.4 डिग्री, पिलानी में 39.2 डिग्री और नागौर में 37.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं अजमेर, सिरोही और डूंगरपुर जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
कमजोर पड़ा डिप्रेशन सिस्टम, 11 जुलाई से मौसम में बदलाव संभव
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, पूर्वी भारत में बना डिप्रेशन 8 जुलाई से कमजोर होकर दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर वेल मार्क लो प्रेशर क्षेत्र में बदल गया है। अगले 24 घंटों में इसके और कमजोर होने की संभावना है। हालांकि इस सिस्टम के प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों तक राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। इसके बाद 11 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में कमी आने और अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ होने के संकेत हैं।
अगले कुछ दिन सतर्क रहने की सला
मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क मार्गों पर फिसलन और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी रह सकती है। प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

