September 10, 2026

RBSK Inspection Ambala: अंबाला में स्वास्थ्य विभाग का औचक निरीक्षण, RBSK उप निदेशक ने दिए 100% बच्चों की स्क्रीनिंग के निर्देश

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RBSK Inspection Ambala: अंबाला में स्वास्थ्य विभाग का औचक निरीक्षण, RBSK उप निदेशक ने दिए 100% बच्चों की स्क्रीनिंग के निर्देश

अंबाला में स्वास्थ्य विभाग का औचक निरीक्षण, RBSK उप निदेशक ने दिए 100% बच्चों की स्क्रीनिंग के निर्देश

RBSK Inspection Ambala: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत चलाए जा रहे ‘राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ (RBSK) की उपयोगिता और धरातल पर उसकी पहुंच जांचने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसी सिलसिले में RBSK के राज्य उप निदेशक डॉ. अमनदीप और डॉ. दीपित की टीम ने अंबाला जिले में औचक निरीक्षण किया। इस अचानक हुई चेकिंग से स्थानीय स्वास्थ्य अमले में दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही।

निरीक्षण के दौरान उच्च अधिकारियों ने फील्ड में तैनात आरबीएसके टीमों द्वारा बच्चों की की जा रही हेल्थ स्क्रीन, चिन्हित बीमारियों के उपचार और इलाज के बाद के फॉलो-अप रिकॉर्ड की बारीकी से समीक्षा की।

कुपोषित और गंभीर रूप से बीमार बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस

दौरे के दौरान राज्य स्तरीय अधिकारियों ने निर्देश दिए कि 0 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों में जन्मजात बीमारियों, पोषक तत्वों की कमी और शारीरिक विकास में आ रही रुकावटों की समय रहते पहचान करना बेहद जरूरी है।

विशेष रूप से गंभीर एनीमिया (खून की कमी) और ‘स Severe Acute Malnutrition’ (SAM यानी अत्यधिक कुपोषण) से जूझ रहे बच्चों को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की गईं। अधिकारियों ने हिदायत दी कि ऐसे बच्चों को चिन्हित करने में जरा भी ढिलाई न बरती जाए। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों से जोड़कर उनका इलाज शुरू कराया जाए और जब तक बच्चा पूरी तरह स्वस्थ न हो जाए, तब तक लगातार फॉलो-अप लिया जाए।

100% बच्चों की जांच और शत-प्रतिशत इलाज का टारगेट

उप निदेशक डॉ. अमनदीप ने स्पष्ट किया कि जिले का कोई भी बच्चा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीमों को निर्देश दिए कि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 100 प्रतिशत बच्चों की स्क्रीनिंग पूरी की जाए। केवल जांच ही नहीं, बल्कि बीमारी मिलने पर 100 प्रतिशत बच्चों को उपचार और मेडिकल मैनेजमेंट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

इसके लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग को आपस में बेहतर समन्वय (Coordination) बनाकर काम करने की सलाह दी गई है।

जिला स्वास्थ्य विभाग ने दिया शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति का आश्वासन

मुख्यालय से आए अधिकारियों के कड़े रुख को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि अंबाला में योजना के क्रियान्वयन में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। विभाग ने भरोसा दिलाया कि जिले के सभी 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों तक स्वास्थ्य टीमों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी और चिन्हित बच्चों के समयबद्ध इलाज की निरंतर निगरानी होगी।

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