Rewari News: रेवाड़ी में एंबुलेंस न मिलने पर सड़क पर ही हुआ प्रसव, महिला ने दिया प्री-मैच्योर बच्चे को जन्म
रेवाड़ी में एंबुलेंस न मिलने पर सड़क पर ही हुआ प्रसव, महिला ने दिया प्री-मैच्योर बच्चे को जन्म
Rewari News: हरियाणा के रेवाड़ी जिले से स्वास्थ्य सेवाओं को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। कोसली उपमंडल के सालाहवास रोड क्षेत्र में शनिवार देर रात एक लाचार गर्भवती महिला को एंबुलेंस के अभाव में पैदल ही अस्पताल के लिए निकलना पड़ा। हालत इतनी बिगड़ गई कि महिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही सड़क पर बैठ गई और उसने एक प्री-मैच्योर बच्चे को जन्म दे दिया। अंधेरी रात में बीच सड़क पर प्रसव होने की खबर से प्रशासनिक और स्वास्थ्य हलकों में हड़कंप मच गया है।
अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा रेवाड़ी, ट्रेन से धक्का खाकर लौटी गर्भवती
पीड़ित महिला के पति राकेश के अनुसार, महिला की अनुमानित डिलीवरी डेट 30 अक्टूबर की तय की गई थी। हालांकि शनिवार सुबह अचानक पेट में तेज दर्द उठने के बाद परिजन उसे कोसली के स्थानीय सरकारी अस्पताल ले गए थे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद अल्ट्रासाउंड कराने के लिए उसे जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल रेवाड़ी रेफर कर दिया।
एंबुलेंस से रेवाड़ी पहुंचकर परिजनों ने अल्ट्रासाउंड तो कराया, लेकिन वापसी के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई वाहन या एंबुलेंस की सुविधा नहीं मुहैया कराई गई। मजबूरी में परिजन जोखिम उठाकर गर्भवती महिला को ट्रेन से वापस कोसली लेकर आए।
रात को दोबारा उठा असहनीय दर्द, एंबुलेंस के इंतजार में परिजनों का टूटा सब्र
कोसली लौटने के बाद देर शाम महिला को फिर से तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। घबराए परिजनों ने तुरंत आपातकालीन सेवा के तहत एंबुलेंस को फोन मिलाया। जब काफी देर तक वाहन मौके पर नहीं पहुंचा और महिला की तड़प बढ़ने लगी, तो परिजनों ने और वक्त गंवाना मुनासिब नहीं समझा। पति और रिश्तेदार महिला को सहारा देकर घर से पैदल ही सरकारी अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। लेकिन सालाहवास रोड पर पहुंचते-पहुंचते महिला की हिम्मत जवाब दे गई और रास्ते में ही प्रसव हो गया।
जच्चा-बच्चा रेवाड़ी रेफर, परिजनों का गंभीर लापरवाही का आरोप
सड़क पर जन्म होने की सूचना फैलते ही आखिरकार एंबुलेंस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ प्रसूता व नवजात को कोसली के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। चूंकि बच्चा प्री-मैच्योर (समय से पहले) पैदा हुआ था और जच्चा की हालत भी नाजुक थी, इसलिए प्राथमिक उपचार देकर दोनों को फिर से रेवाड़ी नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया।
परिजनों ने रेवाड़ी अस्पताल के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो महिला को इस तरह सड़क पर प्रसव नहीं झेलना पड़ता। फिलहाल इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों का आधिकारिक रुख आना अभी बाकी है।
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