Road Accident Chandigarh: चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित मलोया लाइट प्वाइंट पर शनिवार को पंजाब सरकार और चंडीगढ़ पुलिस की सरकारी गाड़ियां आपस में टकरा गईं। टक्कर मामूली थी, लेकिन इसके बाद दोनों वाहनों के ड्राइवरों के बीच सड़क पर शुरू हुई बहस करीब दो घंटे तक चलती रही। इस दौरान दोनों गाड़ियां सड़क के बीच खड़ी रहीं, जिससे व्यस्त मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद दोनों ड्राइवर एक-दूसरे पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाते रहे। मौके पर मौजूद लोगों ने कई बार दोनों से वाहन सड़क से हटाने की अपील की, लेकिन विवाद के चलते काफी देर तक स्थिति जस की तस बनी रही।
मोड़ पर हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब मोहाली के इंजीनियरिंग विभाग की सरकारी गाड़ी मलोया लाइट प्वाइंट से मुड़ रही थी। उसी दौरान सामने से आ रही चंडीगढ़ पुलिस की गाड़ी से उसकी टक्कर हो गई। टक्कर के तुरंत बाद दोनों चालक वाहन से बाहर आ गए और सड़क पर ही बहस शुरू हो गई। दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे और किसी ने भी अपनी गलती स्वीकार नहीं की।
दो घंटे तक लगा जाम, देर से आई ट्रैफिक पुलिस
मलोया लाइट प्वाइंट शहर के व्यस्त चौराहों में शामिल है। हादसे के बाद दोनों सरकारी वाहन सड़क पर खड़े रहने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दफ्तर, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए निकले लोगों को करीब दो घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई लोगों ने पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी रिकॉर्ड किए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो घंटे तक चले इस विवाद के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, काफी देर तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। आखिरकार दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला समाप्त किया और अपनी-अपनी सरकारी गाड़ियां लेकर वहां से चले गए, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
चंडीगढ़ पुलिस के सूत्रों के अनुसार, इस मामले में किसी भी ड्राइवर या संबंधित विभाग की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। वाहनों के हटने के बाद ट्रैफिक को सामान्य कराया गया।

