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Sangrur Police : CM Bhagwant Mann को दिखाया था काला झंडा, हिरासत में टॉर्चर के आरोपों पर भड़का विपक्ष

Sangrur Police : CM Bhagwant Mann को दिखाया था काला झंडा, हिरासत में टॉर्चर के आरोपों पर भड़का विपक्ष

अस्पताल में युवक से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और विजय इंदर सिंगला।

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hharpreet singh

Sangrur Police| CM Bhagwant Mann|  पंजाब के संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान विरोध जताने वाले एक सिख युवक को पुलिस हिरासत में कथित तौर पर बर्बर यातनाएं देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित युवक के गंभीर आरोपों के बाद पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है।

कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल समेत तमाम विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और पंजाब पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

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यह विवाद 2 सितंबर को संगरूर के शेरों गांव निवासी मोहनजीत सिंह के विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ। मोहनजीत का आरोप है कि राज्य में फैल रहे नशे के खिलाफ आवाज उठाने और मुख्यमंत्री को एक मकान की छत से काला झंडा दिखाने के कारण पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। युवक का दावा है कि हिरासत के दौरान पुलिस ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। उसे बिजली के झटके दिए गए, दाढ़ी खींची गई, शरीर पर ब्लेड के कट लगाकर नमक रगड़ा गया और उसके कपड़े फाड़ दिए गए।

पुलिस और प्रशासन का इनकार: ‘आरोपी पर पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले’

दूसरी ओर, संगरूर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने युवक द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है। संगरूर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रवजोत कौर ग्रेवाल ने स्पष्ट किया कि मोहनजीत सिंह पर पहले से ही गंभीर धाराओं में 8 प्राथमिकी (FIR) दर्ज हैं और वह एक आदतन अपराधी है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था और शांति भंग करने की कोशिश के चलते युवक को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। पुलिस का यह भी दावा है कि मेडिकल जांच में युवक के नशे में होने (ड्रग टेस्ट पॉजिटिव) की पुष्टि हुई है।

स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मामले की पूरी जानकारी ली गई है और पुलिस पर लगाए जा रहे उत्पीड़न के आरोप बेबुनियाद हैं।

अस्पताल पहुंचे विपक्षी दिग्गज, मानवाधिकार आयोग से जांच की मांग

इस घटना के सामने आते ही विपक्षी नेताओं ने सिविल अस्पताल संगरूर पहुंचकर अस्पताल में भर्ती मोहनजीत सिंह का हाल-चाल जाना। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली की तीखी आलोचना करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को पत्र लिखकर इस घटना की जांच कराने का आग्रह किया।

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व मंत्री विजयिंदर सिंगला ने भी पीड़ित से मुलाकात कर सरकार की घेराबंदी की। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अस्पताल में पीड़ित से मिलने के बाद कहा कि किसी भी नागरिक और सिख युवक के साथ इस तरह का “धार्मिक उत्पीड़न” और अमानवीय बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त कर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने भी घटना की निंदा करते हुए मानवाधिकार आयोग से स्वत: संज्ञान लेने की अपील की है।

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